पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादियों ने एक बार फिर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। करक जिले में आतंकवाद विरोधी अभियानों को बड़ा झटका देते हुए आतंकवादियों ने काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) की टीम पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें सीटीडी के डीएसपी और लतंबर के पुलिस थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।
मरने वालों में एक पुलिसकर्मी बम निरोधक दस्ते का था। अभियान में स्थानीय पुलिस के साथ कई विशेष टीमें शामिल थीं। यह हमला दर्शाता है कि इलाके में सक्रिय आतंकी गुट अब सीधे तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के प्रमुख अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी भी मारे गए हैं। आतंकियों द्वारा सड़क पर नाकाबंदी किए जाने की सूचना के बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया था। इसी दौरान एक आतंकी कमांडर के ठिकाने पर छापेमारी के वक्त गोलीबारी हुई।
कब की और किस क्षेत्र की है घटना?
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक घटनाक्रम की शुरुआत 21, 2026 अक्टूबर की रात को हुई। आतंकियों ने करक जिले के खुर्रम पुलिस थाने क्षेत्र में चारपारा रोड पर नाकेबंदी कर रखी थी। यह नाकेबंदी पुलिस और सीटीडी की मूवमेंट को रोकने के लिए की गई थी। इसक बाद पुलिस को इलाके में उनकी मौजूदगी और गतिविधियों की सूचना मिली।
22 अक्टूबर को पुलिस ने आतंकियों की तलाश में ‘सर्च एंड स्ट्राइक ऑपरेशन’ शुरू किया। अभियान का उद्देश्य संदिग्ध ठिकानों की तलाशी लेना और इलाके में सक्रिय आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करना था। बांदा दाऊद शाह के डीएसपी और सीटीडी के डीएसपी इस अभियान का नेतृत्व कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान टीम चारपारा में आतंकी कमांडर कैसर इकबाल के घर पर पहुंची। वहां छापेमारी के समय आतंकियों और पुलिस के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। इसी मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मियों को जान गंवानी पड़ी।
कौन हैं मारे गए पुलिसकर्मी ?
मारे गए पुलिसकर्मियों में सीटीडी के डीएसपी इमरानुद्दीन खान प्रमुख अधिकारी थे। सीटीडी पाकिस्तान की पुलिस व्यवस्था में आतंकवाद से जुड़े मामलों और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाला विशेष विभाग है। इसलिए इस अभियान में उसके डीएसपी की मौत विभाग के लिए महत्वपूर्ण क्षति है।
- जियो न्यूज ने मृतकों की पहचान डीएसपी इमरानुद्दीन खान के साथ सब-इंस्पेक्टर अफजल अवान, काजिम और हेड कांस्टेबल अमजद के रूप में की है।
- दुनिया न्यूज के अनुसार, अफजल अवान लतांबर पुलिस स्टेशन के एसएचओ, यानी थाना प्रभारी थे।
- काजिम सीटीडी डीएसपी के गनमैन थे
- जबकि अमजद बम निरोधक इकाई से जुड़े थे।
इस तरह गोलीबारी में अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारी, स्थानीय थाने के प्रभारी, अधिकारी की सुरक्षा में तैनात कर्मचारी और विस्फोटकों से निपटने वाली इकाई के सदस्य की जान गई।
मृतकों की जिम्मेदारियां बताती हैं कि इस कार्रवाई में पुलिस के अलग-अलग स्तरों पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल थे।
आतंकियों के खिलाफ अभियान में और कौन से दस्ते थे शामिल ?
पाकिस्तान के सरकारी प्रसारक रेडियो पाकिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा पुलिस के हवाले से बताया कि कार्रवाई एक संयुक्त टीम ने की थी। इसमें सीटीडी अधिकारियों के अलावा बम निरोधक दस्ता, ड्रोन टीम, रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स और रेस्क्यू 15 के कर्मचारी शामिल थे।
इन टीमों की भागीदारी से साफ है कि कार्रवाई के लिए कई तरह की सहायता जुटाई गई थी। अलग-अलग विशेषज्ञताओं वाले कर्मचारियों को एक साथ तैनात किया गया था, ताकि तलाशी और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में मदद मिल सके।
करीब तीन सप्ताह पहले भी हुई थी ठिकानों पर कार्रवाई
करक में यह मुठभेड़ ऐसे समय हुई है, जब जिले में कुछ सप्ताह पहले भी आतंकियों के ठिकानों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। पाकिस्तान टुडे की 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 20 दिन पहले संयुक्त तलाशी अभियान में कई आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए थे।
इसके बावजूद अब सड़क पर आतंकियों की नाकाबंदी और उसके बाद पुलिस के साथ घातक मुठभेड़ सामने आई है। दोनों घटनाओं का क्रम इलाके की सुरक्षा व्यवस्था के सामने खड़ी चुनौती को दिखाता है। ठिकानों पर कार्रवाई के बाद भी पुलिस को आतंकियों की मौजूदगी की नई सूचनाओं पर दोबारा अभियान चलाना पड़ा।
हमले पर प्रांत के गवर्नर ने क्या कहा ?
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। जियो न्यूज के अनुसार, उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। कुंडी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने पुलिसकर्मियों की मौत को प्रांत के लिए दुखद क्षति बताया।
खैबर पख्तूनख्वा अशांत क्यों ?
अफगानिस्तान से सटा पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत आतंकी नेटवर्क, सीमा पार आवाजाही और लगातार सुरक्षा अभियानों के बीच हिंसा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां सक्रिय प्रमुख संगठनों में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) शामिल है।
पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी नेतृत्व और लड़ाकों को अफगानिस्तान में पनाह मिलती है, जहां से वे हमलों की योजना बनाते हैं। अफगान तालिबान सरकार इस आरोप को खारिज करती है।
अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद यह मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में लगातार तनाव का कारण बना हुआ है।
यहां हुए हाल के प्रमुख हमले-
| हमले की तारीख | जगह | क्या हुआ? | मारे गए लोग |
|---|---|---|---|
| 22 अक्टूबर 2026 | चारपारा, करक | आतंकी ठिकाने पर छापेमारी के दौरान पुलिस और आतंकियों में मुठभेड़ | 4 पुलिसकर्मी, जिनमें सीटीडी के डीएसपी शामिल; जवाबी कार्रवाई में 2 आतंकी मारे गए। |
| 20 अक्टूबर 2026 | मीरानशाह, उत्तरी वजीरिस्तान | ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त एसएचओ मीरा खान पर गोलीबारी | 1 पुलिस अधिकारी की मौत। |
| 7 अक्टूबर 2026 | शादीपुर पुलिस चौकी, कोहाट | पुलिस चौकी पर हमला | 7 पुलिसकर्मी घायल। |
| 6 अक्टूबर 2026 | डेरा इस्माइल खान | राजस्व विभाग के कर्मचारियों और ट्रैफिक पुलिस वाहन पर दो अलग-अलग हमले | 5 लोग: राजस्व विभाग से जुड़े 4 कर्मचारी और 1 ट्रैफिक पुलिसकर्मी। |
| 18 सितंबर 2026 | पुरानी पुलिस लाइंस, कोहाट | मस्जिद के पास विस्फोटकों से भरे वाहन से धमाका, फिर गोलीबारी और परिसर में घुसने का प्रयास | 23 लोगों की मौत। |








