ट्रूडो के बाद बदल गया कनाडा? क्राइम के मामले में पंजाब के 4 और लोगों पर बड़ा एक्शन

By Defence Detective

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Canada deported four Indian Punjabi men over extortion and organised crime links

कनाडा में अब भारत और खासकर पंजाब से जुड़े आपराधिक नेटवर्क को लेकर तस्वीर पहले जैसी नहीं दिख रही है। जिस दौर में भारत लगातार कनाडा की धरती से चल रही आपराधिक और भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर सवाल उठाता रहा, उसी कनाडा में अब immigration और law-enforcement agencies संगठित अपराध से जुड़े विदेशी नागरिकों पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

ताजा मामला पंजाब से जुड़े चार लोगों का है।

कनाडा की Canada Border Services Agency यानी CBSA ने पंजाब से जुड़े चार लोगों को देश से बाहर कर दिया है। इन मामलों में extortion यानी जबरन वसूली, हिंसा, संगठित अपराध और गंभीर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले सामने आए हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि यह कोई अकेली कार्रवाई नहीं है।

चार लोगों पर क्या कार्रवाई हुई?

CBSA ने हाल की कार्रवाई के चार मामलों को सार्वजनिक किया है। इनमें Palwinder Singh, Jasmer Singh, Amitoz Bajwa और Sahibjot Singh शामिल हैं।

इनके खिलाफ कार्रवाई की वजह भारतीय या पंजाबी मूल होना नहीं थी। कनाडाई अधिकारियों के अनुसार मामलों में आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अलग-अलग वजह सामने आई।

  • Palwinder Singh को 2025 की एक extortion-related shooting से जोड़ा गया। कनाडा के Immigration and Refugee Board ने उसे ऐसी criminal organisation की सदस्यता के आधार पर inadmissible (कनाडाई कानून के तहत वह कनाडा में रहने के लायक नहीं) पाया, जो extortion-related violence से जुड़ी थी।
  • Jasmer Singh को कनाडा में forcible confinement के मामले में conviction हुई थी। इसके बाद उसे serious criminality के आधार पर inadmissible पाया गया।
  • Amitoz Bajwa को firearms-related activity और extortion-related shooting से जोड़ा गया। उसे ऐसी organisation की सदस्यता के आधार पर inadmissible पाया गया जिसके बारे में कनाडाई अधिकारियों ने criminal activity के pattern की बात कही।
  • Sahibjot Singh को भी ऐसी organisation से जोड़ा गया। CBSA के मुताबिक उसने उस organisation के criminal activity pattern का हिस्सा रहे अपराधों में शामिल होने की बात स्वीकार की थी।

यानी कनाडा ने इन मामलों में immigration कानून का इस्तेमाल करते हुए उन लोगों को हटाया जिन्हें उसकी एजेंसियों ने inadmissible माना।

एक साल में कुल कितने लोगों पर कार्रवाई ?

कनाडा ने अगस्त 2025 में Western Canada के Pacific और Prairie regions में extortion से जुड़े immigration और refugee मामलों की पहचान के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाने शुरू किए। 3 सितंबर 2026 तक कनाडा 188 removal orders जारी कर चुका था और 111 लोगों को देश से बाहर किया जा चुका है।

इसके बाद नवंबर 2025 में Greater Toronto Area को भी इस अभियान में शामिल किया गया।

यह आकंड़ा अगस्त 2025 से शुरू हुई इस विशेष CBSA कार्रवाई से लेकर 3 सितंबर 2026 तक का है

क्षेत्रRemoval OrdersRemoved
Pacific9158
Prairie4730
Greater Toronto Area5023
कुल188111

इसका मतलब साफ है—कनाडा अब सिर्फ अपराध करने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी तक मामला सीमित नहीं रख रहा। अगर कोई विदेशी नागरिक immigration law के तहत inadmissible पाया जाता है, तो उसके कनाडा में रहने के अधिकार पर भी कार्रवाई हो सकती है।

ट्रूडो के बाद क्या सच में बदल गया?

पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के आखिरी सालों में भारत और कनाडा के संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। खालिस्तान समर्थक गतिविधियों, भारत विरोधी प्रदर्शनों और आपराधिक नेटवर्क को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे।

लेकिन मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद तस्वीर बदलने लगी।

जून 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने संबंधों को स्थिर करने और उच्चस्तरीय बातचीत फिर शुरू करने की दिशा में कदम उठाए। इसके बाद दोनों देशों ने अपने उच्चायुक्तों की वापसी और विभिन्न स्तरों पर संपर्क बढ़ाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

2026 में भी भारत और कनाडा के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संपर्क आगे बढ़ा। दोनों देश Free Trade Agreement को लेकर बातचीत आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।

और इसी बदले माहौल के बीच कनाडा में extortion और organised crime पर immigration enforcement भी तेज दिखाई दे रही है।

क्या यह कार्रवाई खालिस्तान समर्थकों से रिलेटेड है?

फिलहाल 111 removals को खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ  कार्रवाई कहना सही नहीं होगा।

कनाडा की CBSA ने इन मामलों को मुख्य रूप से extortion, organised crime, serious criminality और public safety से जोड़ा है।

लेकिन भारत के नजरिए से इसका महत्व जरूर है।

भारत लंबे समय से कनाडा से यह कहता रहा है कि उसकी धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों और आपराधिक नेटवर्क के लिए नहीं होना चाहिए। अब कनाडा खुद South Asian communities में extortion और organised crime को लेकर कड़ा enforcement अभियान चला रहा है।

कनाडा को अब extortion की इतनी चिंता क्यों?

कनाडाई अधिकारियों के अनुसार South Asian communities को निशाना बनाकर extortion और हिंसा के मामले गंभीर समस्या बन चुके हैं।

इसी वजह से पुलिस और CBSA के बीच information-sharing और enforcement को मजबूत किया जा रहा है। कनाडा के Public Safety Minister ने भी extortion और organised crime को communities की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए enforcement action को मजबूत करने की बात कही है।

इसमें एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि मामला अब केवल पुलिस ने किसे गिरफ्तार किया” तक सीमित नहीं है।

कनाडा यह भी देख रहा है कि संबंधित व्यक्ति देश में रहने के लिए कानूनी रूप से पात्र है या नहीं।

अगर जवाब नहीं है, तो deportation की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

भारत के लिए यह इसलिए अहम है क्योंकि कनाडा में रहने वाले भारतीय मूल के कुछ लोगों से जुड़े आपराधिक नेटवर्क का असर भारत तक भी पहुंचता रहा है।

ताजा घटनाक्रम में कनाडा से deport होकर भारत पहुंचे Karamveer Singh Deo को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसे Lawrence Bishnoi gang से जुड़ा बताया गया है और पंजाब में उसके खिलाफ मामलों की जांच चल रही है।

यह मामला चार ताजा CBSA deportations से अलग है, लेकिन यह दिखाता है कि कनाडा से deportation के बाद भारत में भी जांच और कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

इससे भारत और कनाडा के बीच organised crime पर cooperation का महत्व भी बढ़ता है।

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