पाकिस्तानी कब्जे वाले बलोचिस्तान में लंबे समय से चल रही आजादी की लड़ाई अब एक और खतरनाक दौर में पहुँच गयी है। बलोच फ्रीडम फाइटर्स के दमन के क्रम में पाकिस्तानी सेना आबादी वाले इलाकों में हवाई हमलों और सैन्य अभियानों के जरिए आम नागरिकों पर लगातार कहर बरपा रही है। खबर है कि बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में पाकिस्तान के ताजा हवाई हमलों में 30 लोगों की मौत हो गई है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। फिलहाल पाकिस्तानी प्रशासन ने इस अभियान बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना ने सोराब और ग्वादर या उसके आस-पास हवाई हमले किए। स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ये हमले विद्रोहियों के ठिकानों तक सीमित रहने के बजाय रिहायशी इलाकों में किए गए। जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 21 लोग मारे गए हैं।
फिर विरोध-प्रदर्शन शुरू
आम नागरिकों की मौत की खबरों के बाद सोराब और ग्वादर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। वहाँ के लोग कथित सैन्य कार्रवाई की निंदा करने और जवाबदेही की मांग करने के लिए इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने इस ताज़ा अशांति को बलूचिस्तान में सुरक्षा अभियानों, लोगों के जबरन गायब किए जाने और राजनीतिक अभिव्यक्ति पर लगी पाबंदियों से जुड़े पुराने आरोपों से भी जोड़ा है। क्षेत्रफल के हिसाब से पाकिस्तान के सबसे बड़े इस प्रांत में दशकों से अलगाववादी विद्रोह चल रहा है।
BLA ने भी किया पलटवार का दावा
आम नागरिकों की मौत की खबरों के बाद, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कई ज़िलों में सिलसिलेवार हमले किए। खबरों के मुताबिक, चगाई ज़िले में आधी रात को हुए बम धमाके में एक पुलिस स्टेशन तबाह हो गया और तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए। यकमाच में, हथियारबंद हमलावरों ने कमर्शियल गाड़ियों पर घात लगाकर हमला किया और एक ट्रक को अगवा कर लिया। इससे हिंसा सुरक्षा ठिकानों से आगे बढ़कर आम नागरिकों की आवाजाही और बुनियादी ढांचे तक फैल गई। खुज़दार RCD हाईवे पर भी एक और हमले की खबर मिली, जहाँ कथित तौर पर सुरक्षा बलों के काफिले और एक बख्तरबंद गाड़ी को निशाना बनाया गया।
हमलों और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला
रिपोर्ट की गई घटनाओं के सिलसिले ने बलूचिस्तान में तेज़ी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को दिखाया है। मिलिट्री एयर ऑपरेशन और आम लोगों के मारे जाने की खबरों के बाद पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों, पुलिस की जगहों, मिलिट्री गाड़ियों और आम लोगों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले हुए हैं। बलूचिस्तान में दशकों से बगावत चल रही है, जिसमें अलग करने वाले ग्रुप प्रांत पर ज़्यादा पॉलिटिकल कंट्रोल और BLA के मामले में पूरी आज़ादी की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तान सरकार लगातार कहती रही है कि इन विद्रोहियों को विदेश से सपोर्ट मिलता है और देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
कम्युनिकेशन ठप होने से अनिश्चितता
कम्युनिकेशन में रुकावट की वजह से प्रभावित ज़िलों में हो रही घटनाओं की सही और स्वतंत्र जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है।एयर ऑपरेशन के बाद इंटरनेट और टेलीकम्युनिकेशन सर्विस ठप होने की खबरों के बीच, आम नागरिकों के हताहत होने, संपत्ति के नुकसान और उसके बाद हुए उग्रवादी हमलों के बारे में जानकारी बहुत कम मिल पा रही है। फिलहाल, आम नागरिकों की मौत और उसके बाद हुए हमलों ने पाकिस्तान के लंबे समय से चल रहे बलूचिस्तान संघर्ष में एक और खतरनाक अध्याय जोड़ दिया है।








