पाकिस्तानी रक्षा मंत्री को ‘पहेली’ बूझना पड़ा भारी, जमकर उड़ रहा मजाक  

By Defence Detective

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Screenshot of Pakistan Defence Minister Khawaja Asif's viral tweet saying Watch on an AI-generated Marilyn Monroe image

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक बार फिर अपनी गैर-जिम्मेदाराना सोशल मीडिया एक्टिविटी के कारण वैश्विक मंच पर हंसी का पात्र बन गए हैं। जहाँ एक तरफ पाकिस्तान इस समय आंतरिक हिंसा, आतंकवाद, खैबर पख्तूनख्वा (KP) में गृहयुद्ध जैसे हालात और बदहाल आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, वहीं देश के रक्षा मंत्री 13 अक्टूबर 2026 की देर रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ‘पहेलियां’ बूझने में व्यस्त दिखे!

दरअसल एक्स पर एक्स पर एक हैंडल से की गई पोस्ट में मर्लिन मुनरो को 1950 के दशक के कपड़ों में पुरानी कारों के बीच खड़ा दिखाया गया था। इस एआई जेनरेटेड तस्वीर के साथ चुनौती दी गई थी कि ऐसी कौन-सी चीज है, जो उस दौर में नहीं हो सकती थी। ख्वाजा आसिफ ने उस चीज को पहचान लिया और जवाब भी दिया।

उनके इस जवाब के बाद न केवल पाकिस्तानी आवाम बल्कि पूरी दुनिया के नेटिजन्स ने उन्हें आड़े हाथों लिया और जमकर ट्रोल करना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि फजीहत होता देख रक्षा मंत्री को अपनी पोस्ट डिलीट करनी पड़ी, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर इसके स्क्रीनशॉट वायरल हो चुके थे।

मर्लिन मुनरो की तस्वीर में क्या था खास, जिसे ख्वाजा आसिफ ने पहचाना?

दरअसल तस्वीर में मर्लिन मुनरो की कलाई पर आधुनिक स्मार्टवॉच दिखाई गई थी। यही वह चीज थी, जो 1950 के दशक के माहौल से मेल नहीं खाती थी। ख्वाजा आसिफ ने इस अंतर को पहचान लिया और एक शब्द में जवाब दे दिया। ख्वाजा आसिफ ने तस्वीर को रीपोस्ट करते हुए ‘Watch’ लिखा और मुस्कुराने वाला इमोजी भी जोड़ा।

हालांकि, सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान तस्वीर की पहेली से ज्यादा इस बात पर गया कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री इस तरह की वायरल पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

गंभीर सुरक्षा संकटों के बीच रक्षा मंत्री पर उठे सवाल

एक रक्षा विशेषज्ञ के नजरिए से यह घटना महज एक ‘फनी मीम’ या सोशल मीडिया ट्रोलिंग का मामला नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व की प्राथमिकताओं और उनकी मानसिक गंभीरता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।

ख्वाजा आसिफ की पोस्ट को लेकर आलोचकों ने पाकिस्तान की मौजूदा परिस्थितियों का हवाला दिया। देश को आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और आर्थिक दबावों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया कि देश के रक्षा मंत्री की सार्वजनिक गतिविधियों में इस तरह की पोस्ट को कितनी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

जब एक परमाणु संपन्न देश का रक्षा मंत्री आधी रात को सेना के ऑपरेशन्स, खुफिया इनपुट्स या राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों की समीक्षा करने के बजाय ‘एआई स्लोप’ (लो-क्वालिटी डिजिटल कंटेंट) पर अपनी नजरें गड़ाए बैठा हो, तो मजाक ही उड़ेगा।

पाकिस्तानी आवाम और नेटिजन्स का किस तरह फूटा गुस्सा ?

जैसे ही ख्वाजा आसिफ का यह ट्वीट सामने आया, सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सैलाब आ गया। पाकिस्तानी नागरिकों ने अपने ही रक्षा मंत्री को घेरते हुए कई तीखे सवाल दागे।

  1. अकाउंट स्विच करना भूले मंत्री जी?
    कई एक्स यूजर्स ने खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि रक्षा मंत्री शायद अपने ‘बर्नर अकाउंट’ (फर्जी या पर्सनल अकाउंट) को स्विच करना भूल गए और गलती से अपने ऑफिशियल वेरीफाइड अकाउंट से मर्लिन मुनरो की पोस्ट पर कमेंट कर दिया। एक यूजर ने लिखा, “लगता है पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ अकाउंट स्विच करना भूल गए।”
  2. “जंग तो होती रहेगी, मुनरो जरूरी है”
    एक यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा, “वार-शोर (युद्ध) तो होता रहेगा, मर्लिन मुनरो को देखना ज्यादा जरूरी है।”
  3. देश डूब रहा है और मंत्री पहेली खेल रहे हैं
    हसन नाम के एक वेरिफाइड यूजर ने लिखा, “देवियों और सज्जनों, पेश हैं इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान के रक्षा मंत्री।” एक अन्य नाराज नागरिक ने कमेंट किया, “पाकिस्तान आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा संकटों में डूब रहा है, केपी (खैबर पख्तूनख्वा) अंदर से ढहने की कगार पर है और हमारे रक्षा मंत्री ‘अमेरिकन वुमन’ की फोटो देख रहे हैं।

ख्वाजा आसिफ कौन हैं ?

ख्वाजा मुहम्मद आसिफ पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनेता हैं और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) से जुड़े हैं। वह पाकिस्तान की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और विभिन्न सरकारी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

रक्षा मंत्री के तौर पर उनका पद पाकिस्तान की सैन्य नीति, रक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सार्वजनिक विमर्श के कारण महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकती हैं।

मर्लिन मुनरो की AI तस्वीर से जुड़ा विवाद किसी सैन्य टकराव या रक्षा नीति में बदलाव का मामला नहीं है। यह मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर एक सार्वजनिक पदाधिकारी की गतिविधि को लेकर उठा विवाद है।

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