आसमान में 35,000 फीट की ऊंचाई पर मौत से आमना-सामना होने के बावजूद अद्भुत साहस के साथ प्लेन हाईजैकिंग और क्रैश को रोकने वाले इंडियन Fearless हीरो कैप्टन स्मित माछर को पूरी दुनिया लगातार सलाम कर रही है। इज़राइल कैप्टन स्मित को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘प्रेसिडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हेरोइज्म’ (Presidential Award for Civilian Heroism) से सम्मानित करेगा। इज़राइली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग (Isaac Herzog) ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि जैसे ही कैप्टन माछर अस्पताल से पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटेंगे, इज़राइली जनता की ओर से उन्हें यह ऐतिहासिक सम्मान सौंपना उनके लिए बेहद गर्व की बात होगी।
इसके साथ कैप्टन स्मित माछर इज़राइल का यह सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान पाने वाले पहले भारतीय बनेंगे। यह सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्मित इजरायल के नागरिक नहीं, बल्कि भारत के नागरिक हैं। अमेरिका में भी उनकी जांबाजी को सलाम किया जा रहा है।
अमेरिकी संसद (US Congress) भी कैप्टन स्मित की बहादुरी की गाथा रिकॉर्ड में दर्ज करेगी। इस संबंध में एक द्विदलीय (Bipartisan) प्रस्ताव पेश किया गया है, जिसके तहत भारतीय कप्तान की बहादुरी की दास्तान को अमेरिका के आधिकारिक ‘कांग्रेशनल रिकॉर्ड’ (Congressional Record) में दर्ज किया जाएगा।
क्या है Presidential Award for Civilian Heroism ?
यह इजरायल के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान है। इसकी स्थापना राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद उन आम नागरिकों के असाधारण साहस को मान्यता देने के लिए की थी, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरे लोगों की जान बचाई।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले को नागरिक वीरता का पदक दिया जाता है। हालांकि इसमें पुरस्कार राशि जैसी बातें सार्वजनिक नहीं है।
30 सितंबर 2026 के विमान हाईजैकिंग कांड में विमान के यात्रियों ने भी संकट को संभालने में अहम भूमिका निभाई थी। इस कड़ी में आइजैक हर्जोग ने 8 अक्टूबर 2026 को छह यात्रियों ((तज़्विका मानेस, ताली मानेस, यानिव हायून, डॉ. शोटा मुसायेव, असाफ राजुआन और ओर पारडिलोव) को यह सम्मान किया। इन्होंने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू किया था और घायल कैप्टन को प्राथमिक चिकित्सा दी थी
इसी मौके पर कैप्टन स्मित के साहस की प्रशंसा करते हुए उन्हें भी यह पुरस्कार देने की घोषणा की। साथ ही कहा कि स्मित के साहस और पेशेवर दक्षता ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की है।
अमेरिकी संसद में भारतीय लाल की गूंज कैसे ?
कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी के सामने अमेरिका भी नतमस्तक है। 30 सितंबर की हाईजैकिंग घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ड्रंप ने कैप्टन स्मित को हीरो बताया था। अब अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives- इसे आसान रूप में समझने के लिए भारत की लोकसभा माना जा सकता है।) में 5 अक्टूबर 2026 को H.Res. 1612 नाम से एक प्रस्ताव पेश किया गया।
यह प्रस्ताव न्यूजर्सी से अमेरिकी सांसद जोश गॉटहाइमर की अगुआई में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सदस्यों ने मिलकर पेश किया है। जिसे पारित कर दिया गया है। इस प्रस्ताव के माध्यम से कैप्टन माछर की बहादुरी के आधिकारिक विवरण को हमेशा के लिए US Congressional Record का हिस्सा बनाया जा रहा है, जो किसी भी विदेशी नागरिक के लिए एक दुर्लभ और अत्यंत सम्मानजनक बात है।
इसके अलावा अमेरिकी संसद (US Congress) में कैप्टन स्मित माछर के सम्मान में भारतीय मूल के सांसद राजा कृष्णमूर्ति (Raja Krishnamoorthi) ने एक विशेष और बेहद भावुक प्रशंसा बयान (Tribute) आधिकारिक तौर पर ‘कांग्रेशनल रिकॉर्ड’ में दर्ज कराया है।
स्मित को इजरायली सम्मान भारत-इजरायल संबंधों के लिहाज से क्यों अहम ?
भारत और इजरायल के रिश्ते केवल रक्षा सौदों और सैन्य तकनीक तक सीमित नहीं हैं। भारत और इजरायल के बीच पहले से ही मजबूत रणनीतिक संबंध हैं। दोनों देश आतंकवाद से मुकाबले, सुरक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी में भी एक-दूसरे के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं।
ऐसे में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को इजरायल के सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान के लिए चुना जाना दोनों देशों के संबंधों को एक मानवीय आयाम देता है। यह दोनों देशों के लोगों के बीच सम्मान, भरोसे और मानवीय जुड़ाव को और मजबूत करती है।
स्मित ने जिस विमान में यात्रियों की जान बचाने के लिए साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, उसमें सबसे ज्यादा इजरायली नागरिक सवार थे।
क्या है प्लेन हाईजैकिंग की घटना ?
30 सितंबर 2026 को यूएई के दुबई से फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 इजरायल के तेल अवीव की ओर जा रही थी। विमान में करीब 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक गंभीर संकट पैदा हो गया, जब ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित माछर पर जानलेवा हमला कर दिया। फिर भी उन्होंने धैर्य और सूझबूझ नहीं खोया और डटकर मुकबला करते हुए यात्रियों के सहयोग के साथ प्लन हाईजैकिंग और क्रैश की प्लानिंग को फेल कर दिया। विमान सऊदी अरब में सुरक्षित उतरा।








