समुद्र के नीचे युद्ध की तस्वीर तेजी से बदल रही है। चीन अब सिर्फ पारंपरिक पनडुब्बियों पर निर्भर रहने के बजाय बहुत बड़े अनमैन्ड अंडरवाटर व्हीकल यानी XXLUUV को समुद्र में उतारने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसकी सबसे बड़ी कड़ी एक ऐसा नया जहाज है, जिसे सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर विशाल अंडरवाटर ड्रोन (सबमरीन ड्रोन) मदरशिप माना जा रहा है।
यह चीन की अनमैन्ड फुल-साइज सबमरीन को डेवलप और डेप्लॉय करने की अघोषित कोशिश की पहेली का नया हिस्सा है।
यह जहाज शंघाई के Hudong-Zhonghua Shipyard में निर्माणाधीन दिखाई दिया है। Naval News ने 14-15 सितंबर 2026 तक की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण कर इसे संभवतः दुनिया का पहला ऐसा विशेष जहाज बताया है, जिसे इतने बड़े अनमैन्ड अंडरवाटर वाहनों को ले जाने, उतारने, वापस लाने और उनकी देखभाल के लिए बनाया जा रहा है। हालांकि चीन ने अभी तक इस जहाज की आधिकारिक पहचान, रोल या ऑपरेटर की पुष्टि नहीं की है।
क्या है अंडरवाटर ड्रोन (सबमरीन ड्रोन) मदरशिप की खूबियां ?
पहली नजर में यह जहाज किसी बड़े लैंडिंग प्लेटफॉर्म या एम्फीबियस शिप जैसा दिखाई देता है। लेकिन इसके पिछले हिस्से में बना खास well-deck और अंदर मौजूद बड़ा हैंगर इसकी असली खासियत की ओर इशारा करते हैं। उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक-
- जहाज की लंबाई करीब 205 मीटर और चौड़ाई करीब 27 मीटर आंकी गई है।
- पिछले हिस्से में लगभग 55×13 मीटर का wet well दिखाई देता है।
- इसके नीचे से एक बड़ा क्रेडल (मजबूत सपोर्ट प्लेटफॉर्म) पानी में नीचे उतारा जा सकता है।
- इस क्रेडल को करीब 12 vertical jack-up arms ऊपर-नीचे कर सकते हैं।
- well-deck के आगे लगभग 95×17 मीटर का बंद हैंगर होने का आकलन है।
- इस हैंगर में करीब चार बड़े XXLUUV रखे जा सकते हैं, हालांकि यह संख्या अंतिम डिजाइन की आधिकारिक जानकारी नहीं है।
- आगे की तरफ हेलिकॉप्टर के लिए हैंगर और फ्लाइट डेक जैसा हिस्सा भी दिखाई देता है।
यानी यह सिर्फ ड्रोन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाला जहाज नहीं हो सकता। इसका डिजाइन ड्रोन की स्टोरेज, मेंटेनेंस, लॉन्च और रिकवरी—इन सभी कामों को समुद्र में ही करने की क्षमता की ओर इशारा करता है।
अब जानिए इस जहाज के पेट में जाने वाले विशाल अंडरवाटर ड्रोन की खूबियां
चीन बिना क्रू (बिना इंसानी चालक दल) वाली फुल-साइज़ पनडुब्बियां बनाने वाला पहला और एकमात्र देश बन गया है। इन्हें XXLUUV यानी Extra-Extra Large Uncrewed Underwater Vehicle (सबमरीन ड्रोन) कहा जा रहा है।
हैनान में इनके दो प्रकारों का परीक्षण होते देखा गया है। 35 और 45 मीटर (115-148 फीट) लंबी ये पनडुब्बियां अमेरिकी नौसेना की बोइंग ओर्का XLUUV के कुल आकार से लगभग 6-8 गुना बड़ी हैं। संभावना है कि ये दोनों मॉडल सीधे मुकाबले में हैं।
यानी ये सामान्य अंडरवाटर ड्रोन से इतने बड़े हैं कि इनका आकार छोटी पारंपरिक पनडुब्बियों के करीब पहुंच जाता है।
अभी तक इन वाहनों को खास तरह के floating docks की मदद से परीक्षण क्षेत्र तक ले जाने और समुद्र में उतारने की व्यवस्था देखी गई थी। यह परीक्षणों के लिए काम आ सकती है, लेकिन किसी वास्तविक सैन्य अभियान के लिए ऐसी व्यवस्था सीमित हो सकती है।
यहीं नया मदरशिप महत्वपूर्ण हो जाता है।
फ्लोटिंग डॉक से आगे बढ़कर मोबाइल अंडरवाटर बेस बनाने की तैयारी?
अगर मौजूदा आकलन सही साबित होता है, तो नया जहाज चीन के विशाल अंडरवाटर ड्रोन प्रोग्राम को एक नया लेवल दे सकता है। एक floating dock किसी निश्चित तटीय क्षेत्र (कोस्टल एरिया) से जुड़ा रहता है। इसके उलट मदरशिप खुद समुद्र में जाकर ड्रोन को मिशन क्षेत्र के करीब पहुंचा सकता है। इसके संभावित फायदे हैं—
- ड्रोन को लंबी दूरी तक खुद चलाकर ले जाने की जरूरत कम होगी।
- मिशन से पहले ड्रोन को जहाज के अंदर सुरक्षित रखा जा सकेगा।
- समुद्र में ही रखरखाव और तकनीकी काम संभव हो सकता है।
- मिशन के बाद ड्रोन को वापस जहाज पर लाया जा सकता है।
- अलग-अलग समुद्री क्षेत्रों में लॉन्च प्वाइंट बदले जा सकते हैं।
- तटीय ठिकानों पर निर्भरता कम हो सकती है।
यानी असली बदलाव सिर्फ एक बड़े जहाज का बनना नहीं है। चीन विशाल अनमैन्ड अंडरवाटर प्लेटफॉर्म के लिए पूरी लॉजिस्टिक व्यवस्था खड़ी करता दिखाई दे रहा है।
समुद्र के नीचे इनका काम क्या होगा?
एक जरूरी बात कि चीन ने इन XXLUUV का अंतिम सैन्य रोल सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए किसी एक हथियार या मिशन को निश्चित बताना अभी सही नहीं होगा। लेकिन एक्सपर्ट ने इनके संभावित इस्तेमाल में कई रोल की चर्चा की है—
- ISR यानी खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही
- समुद्र तल और महत्वपूर्ण अंडरवाटर इलाकों की निगरानी
- Mine warfare यानी समुद्री बारूदी सुरंगों से जुड़े मिशन
- समुद्र के नीचे बिछी महत्वपूर्ण संरचनाओं की निगरानी
- दूसरे छोटे अंडरवाटर ड्रोन को ले जाना
- भविष्य में टॉरपीडो या अन्य पेलोड ले जाने की संभावना
लेकिन इनमें से किसी भी हथियार या पेलोड को लेकर चीन की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें अभी संभावित भूमिकाएं ही माना जाना चाहिए।
इसके अनमैन्ड होने का कितना बड़ा फायदा?
अनमैन्ड होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ड्रोन के अंदर चालक दल के लिए जगह, जीवन-रक्षा सिस्टम और दूसरी मानव-संबंधी व्यवस्थाओं की जरूरत नहीं रहती।
इससे डिजाइन में उपलब्ध जगह को बैटरी, ईंधन, सेंसर, सोनार या दूसरे मिशन पेलोड के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि चीन के ये XXLUUV वास्तव में कितनी दूरी, कितनी गहराई या कितने समय तक काम कर सकते हैं।
कुछ रिपोर्टों में लंबी दूरी और उच्च गति से जुड़े अनुमान दिए गए हैं, लेकिन उपलब्ध सैटेलाइट तस्वीरें इन प्रदर्शन आंकड़ों की पुष्टि नहीं करतीं।
चीनी XXLUUV बनाम अमेरिकी Boeing Orca XLUUV
चीन के इस प्रोजेक्ट की तुलना अमेरिकी नौसेना के Boeing Orca XLUUV से भी की जा रही है। फर्क मुख्य रूप से आकार और ऑपरेशन के कॉन्सेप्ट में है। अमेरिका का Orca एक बड़ा अनमैन्ड अंडरवाटर वाहन है।
Orca को बिना किसी मदरशिप के अपने बेस से लंबी दूरी के मिशन के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि चीन अब इनसे भी बड़े अंडरवाटर वाहनों के लिए एक अलग मदरशिप तैयार करता दिखाई दे रहा है। यानी दोनों देशों की सोच में एक अहम अंतर नजर आता है—अमेरिका का जोर लंबे समय तक खुद काम करने वाले UUV पर है, जबकि चीन विशाल UUV के साथ मोबाइल समुद्री सपोर्ट सिस्टम भी खड़ा करता दिखाई दे रहा है।
| तुलना | चीन का XXLUUV | अमेरिकी Boeing Orca XLUUV |
| श्रेणी | XXLUUV | XLUUV |
| लंबाई | करीब 35–45 मीटर (अनुमान) | करीब 26 मीटर |
| वजन/डिस्प्लेसमेंट | सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं | करीब 85 टन |
| संचालन | बड़े अंडरवाटर वाहन; चीन इनके लिए मदरशिप विकसित करता दिख रहा है | स्वायत्त, बिना क्रू |
| रेंज | विश्वसनीय आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं | Boeing के अनुसार 6,500 nautical miles तक |
| मिशन अवधि | सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं | कई महीनों तक लंबे मिशन के लिए डिजाइन |
| पेलोड | सार्वजनिक जानकारी सीमित; विभिन्न संभावित मिशनों की चर्चा | करीब 8 टन तक मिशन पेलोड |
| मिशन बे | सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं | करीब 10 मीटर का modular payload bay |
| लॉन्च मॉडल | चीन का नया मदरशिप लॉन्च/रिकवरी में मदद कर सकता है | अपने बेस से स्वतंत्र संचालन के लिए डिजाइन |
| प्रमुख संभावित उपयोग | निगरानी, seabed operations, mine warfare आदि; अभी पुष्टि सीमित | mine warfare समेत विभिन्न modular missions |
| मौजूदा स्थिति | बड़े प्रोटोटाइप/परीक्षण और मदरशिप निर्माण से जुड़ी जानकारी | अमेरिकी नौसेना के लिए वास्तविक कार्यक्रम और परीक्षण |
चीनी प्रोजेक्ट का भारत के लिए क्या मायने?
भारत के लिए इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि हिंद महासागर में भविष्य की निगरानी सिर्फ युद्धपोतों, पनडुब्बियों और विमानों तक सीमित नहीं रहने वाली।
बड़े autonomous underwater vehicles समुद्र के नीचे लंबे समय तक सेंसर ले जाकर निगरानी कर सकते हैं। वे समुद्री मार्गों, chokepoints, नौसैनिक गतिविधियों और समुद्र के नीचे मौजूद महत्वपूर्ण infrastructure पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म बन सकते हैं।
भारत भी AUV/UUV और underwater robotics पर काम कर रहा है। 2025 में DRDO के High Endurance Autonomous Underwater Vehicle (HEAUV) के developmental trials की जानकारी सामने आई थी।
भारत अभी कहां खड़ा है?
| क्षेत्र | चीन | भारत |
| छोटे/मध्यम AUV | विकसित/परीक्षण | मौजूद और विकसित हो रहे |
| Mine-detection AUV | विकसित | Neerakshi जैसे सिस्टम |
| High-endurance AUV | बड़े XXLUUV तक पहुंच चुका | HEAUV विकास/ट्रायल चरण में |
| 35–45 मीटर XXLUUV | दो बड़े प्लेटफॉर्म सामने आए | ऐसी सार्वजनिक पुष्टि नहीं |
| Dedicated XXLUUV mothership | निर्माणाधीन जहाज | ऐसी सार्वजनिक पुष्टि नहीं |
| Underwater warfare UUV | व्यापक प्रयोग/विकास | नौसेना इसका विस्तार कर रही है |
| बड़े autonomous underwater combat platform | स्पष्ट रूप से आगे बढ़ता कार्यक्रम | अभी विकासात्मक चरण |
दुनिया में कौन-कौन चीन के इस प्रोजेक्ट के करीब?
| देश | क्या है | चीन के प्रोजेक्ट से अंतर |
| अमेरिका | Boeing Orca XLUUV | बड़ा autonomous UUV है, लेकिन चीन जैसा dedicated surface mothership सार्वजनिक रूप से सामने नहीं |
| अमेरिका | Anduril Dive-XL / CAMP | छोटे UUV/टॉरपीडो तैनात करने वाले underwater mothership की दिशा में कार्यक्रम है; यह खुद एक underwater mothership का कॉन्सेप्ट है, चीन के 205m surface ship जैसा नहीं। |
| रूस | Belgorod + Poseidon | Belgorod एक submarine mothership है, जो Poseidon जैसे strategic UUV से जुड़ा है; कॉन्सेप्ट अलग है और इसे चीन के surface XXLUUV tender से सीधे तुलना नहीं करनी चाहिए। |
| रूस | Vityaz-D | बेहद गहरे समुद्र में जाने वाला AUV; इसके लिए rescue tug Fotiy Krylov mother ship के रूप में इस्तेमाल हुआ है, लेकिन यह research/deep-sea system है, चीन के combat-oriented XXLUUV mothership जैसा नहीं। |
| चीन | XXLUUV + नया संभावित mothership | 35–45m के विशाल uncrewed submarines + करीब 205m का संभावित dedicated surface mothership—यही संयोजन इसे असाधारण बनाता है। |









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