अमेरिकी सेना को मिला LOCUST सिस्टम, 20kW हाई-एनर्जी लेजर से ड्रोन को करेगा खाक, रूस, चीन और भारत कहां?

By Defence Detective

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LOCUST 20kW high energy laser counter drone weapon system mounted on tactical military vehicle

ड्रोन युद्ध के तेजी से बदलते स्वरूप ने दुनिया की सेनाओं के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। कुछ हजार डॉलर या उससे भी कम कीमत का ड्रोन यदि लाखों डॉलर की मिसाइल से नष्ट किया जाए तो यह रक्षा के लिहाज से बेहद महंगा सौदा साबित होता है। इसी समस्या का जवाब तलाशते हुए अमेरिका ने हाई-एनर्जी लेजर आधारित Counter-UAS (अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम) क्षमता को तेजी से आगे बढ़ाया है।

U.S. आर्मी को दो शक्तिशाली हाई-एनर्जी लेज़र सिस्टम सौंपे गए हैं। अमेरिकी कंपनी AeroVironment द्वारा विकसित इस मोबाइल काउंटर-अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम को लेज़र वेपन सिस्टम (LWS) कहा जाता है। इस एडवांस्ड हथियार में AV का 20kW-क्लास LOCUST LWS शामिल है, जिसे General Motors Defense के इन्फैंट्री स्क्वाड व्हीकल (ISV) प्लेटफ़ॉर्म पर लगाया गया है – यह मोबाइल, फ्रंटलाइन C-UAS क्षमताओं में एक बड़ी प्रगति है।

यह सिस्टम U.S. आर्मी के रैपिड कैपेबिलिटीज़ एंड क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज़ ऑफ़िस (RCCTO) को आर्मी मल्टी-पर्पज़ हाई-एनर्जी लेज़र (AMP-HEL) प्रोटोटाइपिंग प्रयास के पहले चरण के हिस्से के तौर पर सौंपा गया है।

ये सिस्टम Army के Multi-Purpose High Energy Laser (AMP-HEL)  प्रोग्राम का हिस्सा हैं। इस प्रोग्राम के तहत AV अपना अच्छी तरह से परखा हुआ LOCUST लेज़र सिस्टम उपलब्ध करा रहा है – यह एक तकनीकी रूप से एडवांस्ड समाधान है, जिसने C-UAS लड़ाई के लिए अपनी विश्वसनीयता और ऑपरेशन के लिए तैयार रहने की क्षमता साबित की है।

क्या है 20kW LOCUST और कैसे करता है काम?

LOCUST एक high-energy laser weapon है, जिसे मुख्य रूप से छोटे और मध्यम आकार के ड्रोन को मार गिराने के लिए विकसित किया गया है। इसका AMP-HEL संस्करण मोबाइल सैन्य वाहनों पर लगाया जाता है ताकि सैनिकों, सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों को ड्रोन हमलों से बचाया जा सके।

  • यह पारंपरिक मिसाइल या तोप की तरह कोई projectile नहीं छोड़ता। इसके बजाय अत्यधिक केंद्रित laser energy को लक्ष्य पर डाला जाता है।
  • पर्याप्त समय तक beam को एक ही vulnerable point पर बनाए रखने से ड्रोन की संरचना, propulsion, electronics या दूसरे महत्वपूर्ण हिस्से को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
  • पहले high-energy laser systems भारी और स्थिर प्रणालियों के रूप में देखे जाते थे। LOCUST की खासियत यह है कि इसे tactical vehicles पर लगाया जा रहा है।
  • इससे अमेरिकी सेना को frontline formations के साथ laser-based counter-drone protection ले जाने की क्षमता मिलती है।
  • यानी यह केवल किसी बड़े military base की रक्षा करने वाला fixed system नहीं है। इसे ऐसी सैन्य इकाइयों के साथ भी इस्तेमाल करने की दिशा में विकसित किया जा रहा है जो लगातार position बदलती हैं।  
  • Army के directed-energy कार्यक्रमों में इससे अलग 50kW और उससे अधिक शक्ति वाले सिस्टम भी विकसित किए जा रहे हैं।

20kW का मतलब क्या है?

यहां 20kW को समझना जरूरी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि लेजर की मारक क्षमता 20 किलोमीटर है। 20kW laser की power rating है।

अर्थात सिस्टम का laser लगभग 20,000 watt-class optical power का beam पैदा करने के लिए डिजाइन किया गया है। लेकिन किसी ड्रोन को कितनी तेजी से नष्ट किया जाएगा, यह केवल power पर निर्भर नहीं करता।

इसमें कई चीजें महत्वपूर्ण हैं—

  • लक्ष्य कितनी दूरी पर है
  • ड्रोन कितना बड़ा है
  • उसकी त्वचा और सामग्री कैसी है
  • laser कितनी देर तक एक बिंदु पर टिकता है
  • beam director और tracking कितनी सटीक है
  • वातावरण में धूल, धुंध, बारिश या बादल कितने हैं
  • सिस्टम की cooling और power-generation क्षमता कितनी है

अमेरिकी Government Accountability Office (GAO) के अनुसार directed-energy weapons का एक बड़ा फायदा यह है कि energy beam प्रकाश की गति से लक्ष्य तक पहुंचता है, लेकिन laser की वास्तविक effectiveness दूरी और atmospheric conditions के साथ घट सकती है। Fog और storms beam की quality तथा effective range को प्रभावित कर सकते हैं।

LOCUST की सबसे बड़ी ताकत ?

इस हथियार की सबसे महत्वपूर्ण खूबी इसकी speed और low cost per engagement का संयोजन है।

मिसाइल को target तक पहुंचने में समय लगता है और हर interceptor missile एक सीमित ammunition inventory का हिस्सा होती है। इसके विपरीत laser ammunition के रूप में missile नहीं रखता। जब तक पर्याप्त electrical power और cooling उपलब्ध है, सिस्टम लगातार engagements कर सकता है।

GAO ने directed-energy weapons के लिए low cost per shot को प्रमुख लाभ बताया है। उसके अनुसार कुछ अमेरिकी DEW (Directed Energy Weapon) प्रणालियों में एक engagement की ऊर्जा लागत लगभग कुछ डॉलर के स्तर तक हो सकती है, हालांकि पूरी weapon system की कीमत, maintenance और power infrastructure अलग लागत हैं।

यही कारण है कि drone swarm के खिलाफ laser महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर दुश्मन दर्जनों सस्ते drones भेजता है, तो हर drone पर महंगी missile खर्च करना आर्थिक रूप से मुश्किल हो सकता है।

अमेरिका की क्षमता कितनी बढ़ेगी?

LOCUST अमेरिका की counter-drone व्यवस्था को तीन महत्वपूर्ण स्तरों पर मजबूत करता है।

पहला—सस्ता और बार-बार इस्तेमाल होने वाला interception
छोटे drones के खिलाफ प्रत्येक engagement में missile खर्च करने की जरूरत कम हो सकती है।

दूसरा—तेज प्रतिक्रिया।
Laser beam प्रकाश की गति से target तक पहुंचता है। इससे conventional projectile की flight time वाली समस्या नहीं रहती।

तीसरा—mobile protection
सिस्टम को tactical vehicles पर लगाने से सैनिकों और महत्वपूर्ण सैन्य परिसंपत्तियों को maneuver करते समय भी counter-UAS protection देने की संभावना बढ़ती है।

क्या यह हर ड्रोन को मार सकता है?

नहीं। यह सबसे महत्वपूर्ण सीमाओं में से एक है।

20kW-class AMP-HEL का प्राथमिक उद्देश्य छोटे UAS threats हैं। बड़े, तेज, अधिक दूर उड़ने वाले या अत्यधिक मजबूत लक्ष्य के लिए अधिक power, बेहतर beam control और ज्यादा effective range की जरूरत हो सकती है।

इसके अलावा मौसम laser weapon के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। धूल, धुआं, बारिश, कोहरा और atmospheric turbulence beam को कमजोर कर सकते हैं। इसी वजह से भविष्य की air defence व्यवस्था में laser को missile, gun, electronic warfare और radar-based systems के साथ layered defence का हिस्सा माना जा रहा है।

चीन के पास क्या है?

चीन के पास high-energy laser counter-drone capability है।

2025 की Beijing military parade में चीन ने अपनी anti-drone व्यवस्था में high-energy laser और high-power microwave systems को शामिल करके एक व्यापक counter-UAS architecture प्रदर्शित किया। चीन के anti-drone “triad” में missile/gun, high-energy laser और microwave systems का जिक्र होता है।

2026 में Beijing में प्रदर्शित चीनी Lijian series ने यह भी दिखाया कि चीन छोटे, portable laser systems की दिशा में काम कर रहा है। निर्माता के अनुसार Lijian III लगभग 500 मीटर तक के लक्ष्य पर drone को कुछ सेकंड में damage कर सकता है, हालांकि इन manufacturer claims को स्वतंत्र परीक्षण से पूरी तरह सत्यापित नहीं माना जाना चाहिए।

चीन ने इससे बड़े vehicle-mounted laser systems भी प्रदर्शित किए हैं। इसलिए यह कहना गलत होगा कि अमेरिका के पास laser है और चीन के पास नहीं। बल्कि दोनों देश अलग-अलग power classes और deployment concepts पर काम कर रहे हैं।

रूस के पास भी laser capability है

रूस का सबसे प्रसिद्ध directed-energy system Peresvet है। अमेरिकी सेना के ODIN database के अनुसार Peresvet एक Russian mobile laser system है और इसका उपयोग unmanned aerial vehicles के खिलाफ किया जा सकता है।

हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है। Peresvet की वास्तविक laser power, effective range और drone-killing performance के बारे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय आंकड़े सीमित हैं। इसलिए इसे सीधे अमेरिकी 20kW LOCUST से numerical comparison में रखना उचित नहीं होगा।

रूस ने Peresvet को व्यापक strategic directed-energy capability के रूप में प्रस्तुत किया है, लेकिन सार्वजनिक स्रोतों से यह साबित नहीं होता कि रूस के पास LOCUST के समान 20kW-class mobile tactical C-UAS system उसी स्तर की operational maturity के साथ उपलब्ध है।

और भारत?

भारत भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। DRDO ने अप्रैल 2025 में Mk-II(A) Laser Directed Energy Weapon का सफल प्रदर्शन किया था। DRDO के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार इस system ने fixed-wing drones को engage किया, multiple-drone attack को counter किया और surveillance sensors तथा antennas को भी target किया।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि DRDO ने इस demonstration में 30kW-class laser capability का प्रदर्शन किया।

हालांकि केवल “20kW बनाम 30kW” देखकर यह निष्कर्ष निकालना कि भारत अमेरिका से आगे है, भी गलत होगा। Laser weapon की वास्तविक सैन्य उपयोगिता सिर्फ power rating से तय नहीं होती। इसमें range, tracking, beam quality, dwell time, power generation, cooling, mobility, sensor integration और operational deployment समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

भारत ने हाल के परीक्षणों में laser को layered air defence architecture में भी शामिल किया है।

अमेरिका, चीन, रूस और भारत की स्थिति

देशप्रमुख सार्वजनिक रूप से ज्ञात laser capabilityमुख्य उपयोगस्थिति
अमेरिका20kW LOCUST, 50kW-class systems, 300kW-class developmentCounter-UAS, air defenceमोबाइल systems का परीक्षण/डिलीवरी और operational employment
चीनHigh-energy laser, OW5-A50 और Lijian seriesCounter-droneकई systems प्रदर्शित; अलग-अलग power classes
रूसPeresvetStrategic/air-defence applications, UAV counteringCapability demonstrated/fielded claims, सार्वजनिक आंकड़े सीमित
भारतDRDO Mk-II(A), 30kW-class DEWDrone, swarm और aerial target defenceसफल demonstration; व्यापक operational deployment का स्तर अमेरिका से अलग

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