भारत के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम को लेकर लंबे इंतजार के बाद अब दो बड़ी तारीखें सामने आई हैं। LCA Mk2 यानी Tejas Mk2 का पहला प्रोटोटाइप सितंबर 2027 तक उड़ान भर सकता है, जबकि भारत के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर AMCA का पहला प्रोटोटाइप सितंबर 2028 में उड़ान भरने का लक्ष्य रखा गया है।
इन दोनों विमानों की टाइमलाइन की पुष्टि खुद Defence Secretary Rajesh Kumar Singh ने 27 सितंबर को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कही। LCA Mk2 की टेस्ट फ्लाइट के लिए जून से सितंबर 2027 की विंडो बताई गई है, जबकि AMCA की पहली उड़ान के लिए सितंबर 2028 का लक्ष्य सामने आया है।
यह सिर्फ दो नए विमानों की पहली उड़ान की तारीख नहीं है। इसके पीछे भारतीय वायुसेना के पुराने लड़ाकू विमानों को बदलने, फाइटर स्क्वाड्रन की क्षमता बढ़ाने और आगे चलकर भारत को स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान से लैस करने की पूरी योजना जुड़ी है।
हालांकि पहली उड़ान का मतलब तत्काल वायुसेना में शामिल होना नहीं है। इसके बाद लंबे Flight-Test, Weapons Integration, Certification, Operational Clearance और Production चरण आते हैं। इसलिए 2027 और 2028 को Development Milestones के तौर पर देखना चाहिए, न कि तत्काल Operational Induction की तारीख के रूप में।
Defence Secretary ने क्या कहा?
Defence Secretary Rajesh Kumar Singh ने NDTV Defence Summit में दोनों विमानों की उड़ानों पर बात की। AMCA की टाइमलाइन पर कहा कि पहला प्रोटोटाइप “hopefully fly in September 2028” यानी सितंबर 2028 में उड़ान भरने की उम्मीद है।
उन्होंने AMCA के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी के पीछे सरकार की सोच भी बताई। उनके मुताबिक सरकार देश में दूसरी फाइटर-जेट प्रोडक्शन लाइन बनाना चाहती है, ताकि पूरा उत्पादन एक ही कंपनी पर निर्भर न रहे।
इसके साथ यह भी कहा कि –

Mk2 की test flights अगले साल होंगी और कुछ महीनों की slippage के साथ यह लगभग June या September 2027 तक हो सकती है। वहीं AMCA के सितंबर 2028 में उड़ान भरने की उम्मीद है।
Rajesh Kumar Singh, Defence Secretary
वह यह भी बोले कि- “We wanted to create a second fighter jet production line…”
यानी AMCA प्रोग्राम में सिर्फ एक विमान बनाने की कोशिश नहीं है, बल्कि भारत में लड़ाकू विमानों का बड़ा और ज्यादा व्यापक औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश भी है।
LCA Mk2 क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
LCA Mk2 को सिर्फ Tejas Mk1A का मामूली अपग्रेड समझना सही नहीं होगा। यह एक नया Medium Weight Fighter है, जिसे Aeronautical Development Agency यानी ADA और Hindustan Aeronautics Limited यानी HAL विकसित कर रहे हैं।
इसका उद्देश्य भारतीय वायुसेना में पुराने MiG-29, Mirage 2000 और Jaguar जैसे लड़ाकू विमानों की जगह लेना है। संसद की रक्षा संबंधी रिपोर्टों में भी यही भूमिका बताई गई है।
LCA Mk2 की प्रमुख खूबियां–
| फीचर | LCA Mk2 |
| श्रेणी | Medium Weight Fighter |
| पीढ़ी | 4.5 Generation |
| इंजन | GE F414-INS6 |
| इंजन थ्रस्ट | करीब 98 kN |
| अधिकतम वजन | करीब 17.5 टन |
| हथियार क्षमता | करीब 6.5 टन |
| रडार | Uttam AESA |
| IRST | हां |
| डिजाइन | Canard-Delta |
| मुख्य भूमिका | Air-to-Air, Air-to-Ground, Deep Strike, SEAD |
| प्रमुख हथियार | Astra, Rudram, Guided Bombs आदि |
इसमें इंजन करीब 98 kN का थ्रस्ट देगा। विमान में स्वदेशी Uttam AESA रडार और IRST जैसी प्रणालियां भी शामिल की जानी हैं।
LCA Mk2 को भविष्य में Astra एयर-टू-एयर मिसाइल, Rudram एंटी-रेडिएशन मिसाइल और विभिन्न गाइडेड हथियारों से लैस करने की योजना है। इसके जरिए Air Superiority के साथ Deep Strike और दुश्मन की Air Defence को दबाने यानी SEAD मिशन भी किए जा सकते हैं।
- LCA Mk2 की शुरुआत नवंबर 2009 में MWF कार्यक्रम के रूप में हुई थी, लेकिन इसका मौजूदा 17.5 टन वाला डिजाइन बाद के वर्षों में विकसित हुआ।
- सितंबर 2022 में CCS ने इसके Prototype Development और Flight Testing के लिए ₹9,000 करोड़ की मंजूरी देकर कार्यक्रम को औपचारिक गति दी।
LCA Mk2 में कितना बदलाव है?
Tejas Mk1 और Mk1A के मुकाबले Mk2 बड़ा और ज्यादा शक्तिशाली विमान है। इसका एयरफ्रेम ज्यादा बड़ा है और इसमें ज्यादा शक्तिशाली इंजन के साथ ज्यादा हथियार तथा ईंधन ले जाने की क्षमता पर जोर दिया गया है।
LCA Mk2 में 11 हार्डपॉइंट होने की जानकारी सामने आई है, जबकि Mk1 परिवार में यह संख्या कम है। इसका आंतरिक ईंधन भी Mk1 से ज्यादा होगा।
इसका मतलब यह है कि Mk2 का लक्ष्य केवल पुराने Tejas को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के एक अलग Medium Weight Fighter वर्ग की जरूरत को पूरा करना है।
Tejas Mk1 vs Mk1A vs Mk2: स्पेसिफिकेशन तुलना
| स्पेसिफिकेशन | Tejas Mk1 | Tejas Mk1A | Tejas Mk2 |
| श्रेणी | Light Fighter | Light Fighter | Medium Weight Fighter |
| पीढ़ी | 4/4+ | 4.5 | 4.5 |
| लंबाई | 13.2 मीटर | 13.2 मीटर | 14.65 मीटर |
| विंगस्पैन | 8.2 मीटर | 8.2 मीटर | 8.5 मीटर |
| ऊंचाई | 4.4 मीटर | 4.4 मीटर | 4.87 मीटर |
| अधिकतम टेक-ऑफ वजन (MTOW) | 13.5 टन | 13.5 टन | 17.5 टन |
| इंजन | GE F404-IN20 | GE F404-IN20 | GE F414-INS6 |
| इंजन थ्रस्ट | 85 kN | 85 kN | 98 kN |
| अधिकतम गति | Mach 1.6 | Mach 1.6 | Mach 1.8 |
| हथियार क्षमता | 3.5–3.9 टन | 4 टन से अधिक | 6.5 टन |
| Hardpoints | 7+1/8* | 9 | 11 |
| रडार | MMR/ELTA आदि | AESA Radar | Uttam AESA |
| EW क्षमता | सीमित/अपग्रेडेड | Advanced EW + Self-Protection Jamming | Advanced EW Suite |
| IRST | — | — | हाँ |
| MAWS | — | — | हाँ |
| एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग | हाँ | हाँ | हाँ |
| एयरफ्रेम | Delta | Improved Delta | Canard-Delta |
| मुख्य भूमिका | Multirole | Multirole | Air Superiority + Strike + Multirole |
अब AMCA की बारी—
LCA Mk2 के बाद भारत की सबसे बड़ी छलांग Advanced Medium Combat Aircraft यानी AMCA होगी। AMCA को भारत का स्वदेशी fifth-generation stealth fighter बनाया जा रहा है। इसका विकास DRDO की Aeronautical Development Agency यानी ADA के नेतृत्व में हो रहा है।
- 2026 में AMCA के लिए करीब ₹15,803 करोड़ के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया है।
- आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में AMCA के Integration, Development और Flight Testing से जुड़ी सुविधा विकसित की जा रही है।
- करीब 650 एकड़ में बनने वाले इस परिसर का इस्तेमाल विमान के integration, testing, validation और certification में किया जाएगा।
AMCA प्रोजेक्ट की यात्रा- 2009 में भारत सरकार ने स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए feasibility study को करीब ₹90 करोड़ की मंजूरी दी। बाद में इसके लिए अतिरिक्त ₹447 करोड़ भी मंजूर।
- 2022 में सरकार ने AMCA के design और prototype development के लिए CCS approval की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी संसद में दी।
- 2025: सरकार ने AMCA के लिए नया Execution Model अपनाया, जिसमें पहली बार निजी क्षेत्र को बड़े स्तर पर prototype development और manufacturing में शामिल किया गया।
AMCA की प्रमुख खासियत-
| फीचर | AMCA |
| श्रेणी | Fifth Generation Fighter |
| इंजन | Twin Engine |
| शुरुआती इंजन | GE F414 |
| भविष्य का इंजन | अधिक शक्तिशाली स्वदेशी इंजन |
| Stealth | हां |
| Weapon Bay | Internal |
| मुख्य तकनीक | Sensor Fusion |
| Electronic Warfare | Advanced |
| भूमिका | Air Dominance, Deep Strike |
| विशेषता | Low Observable Design |
| पहला प्रोटोटाइप फ्लाइट लक्ष्य | सितंबर 2028 |
AMCA में Internal Weapons Bay, Radar Absorbing Materials, Sensor Fusion और Advanced Electronic Warfare जैसी क्षमताएं होंगी। इसका उद्देश्य हथियारों को विमान के अंदर ले जाकर Radar Cross Section को कम रखना है। उपलब्ध विवरण के अनुसार इसके Internal Weapons Bay में करीब 1,500 किलोग्राम तक पेलोड रखने की क्षमता बताई गई है।
GE F414 से शुरू होकर स्वदेशी इंजन तक जाएगा AMCA
AMCA के शुरुआती Mk1 संस्करण के लिए GE F414 इंजन का इस्तेमाल प्रस्तावित है। यही इंजन LCA Mk2 में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
लेकिन AMCA की लंबी अवधि की योजना इससे आगे जाती है। इसके भविष्य के Mk2 संस्करण के लिए ज्यादा शक्तिशाली स्वदेशी इंजन विकसित करने की योजना है।
यही कारण है कि AMCA को सिर्फ एक नया Fighter Jet नहीं बल्कि भारत की अगली पीढ़ी की Aerospace Technology का बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
भारत के Fighter Fleet के लिए इसका क्या मतलब?
LCA Mk2 और AMCA दो अलग-अलग जरूरतों को पूरा करेंगे।
LCA Mk2 भारतीय वायुसेना के Medium Weight Fighter segment को मजबूत करेगा और पुराने MiG-29, Mirage 2000 तथा Jaguar जैसे विमानों के replacement में भूमिका निभाएगा।
वहीं AMCA भविष्य के Stealth Fighter segment में भारत की क्षमता विकसित करेगा।









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