मुसलमान बच्चे ही रैडिकल क्यों हो रहे हैं ?
मुस्लिम युवाओं में रैडिकलाइजेशन किस कदर बढ़ती जा रही है, इसका सबूत उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मिला है। यूपी एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) ने ऐसे ही 19 साल के मुस्लिम युवा हारिश अली को गिरफ्तार किया है। हारिश अली आतंकवादी संगठन ISIS के लिए काम कर रहा था। ATS के अनुसार हारिश अली सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए आईएसआईएस के हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था। ATS को खुफिया एजेंसियों से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में कुछ लोग आईएसआईएस के ऑनलाइन नेटवर्क से सक्रिय हैं। इनपुट के आधार पर एटीएस ने मुरादाबाद से हारिश अली को गिरफ्तार किया। वह सहारनपुर जिले का रहने वाला है।
हारिश अली पर आरोप क्या है ?
- ISIS के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़ा था और आतंकी संगठन के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा था।
- सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का भी काम कर रहा था।
- वह ऑनलाइन ग्रुप बनाकर युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर रहा था।
- ISIS की विचारधारा फैलाने और शरिया आधारित खलीफत स्थापित करने का मकसद बताया गया है।
- पाकिस्तान और अन्य देशों के हैंडलर्स से भी संपर्क होने की बात सामने आई है।
कौन है हारिश अली ?

उम्र: 19 वर्ष
निवास: सहारनपुर जिला, उत्तर प्रदेश
पढ़ाई: बीडीएस (दंत चिकित्सा) द्वितीय वर्ष का छात्र
गिरफ्तारी स्थल: मुरादाबाद
पुलिस को शक कैसे हुआ
एटीएस को खुफिया एजेंसियों से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि कुछ लोग आईएसआईएस के ऑनलाइन मॉड्यूल पर सक्रिय हैं। हारिश अली की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उसके सोशल मीडिया व चैट्स की जांच में कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने के सबूत मिले। इसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परिवार ने कहा है कि उन्हें इस तरह की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने भी कहा है कि छात्र की व्यक्तिगत गतिविधियों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और वो सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई का समर्थन करते हैं।
सुरक्षा पर खतरे का विश्लेषण
यह मामला दिखाता है कि आतंकी संगठन अब ऑनलाइन मॉड्यूल और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं। ऑनलाइन कट्टरपंथीकरण बढ़ रहा है क्योंकि इंटरनेट और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं को जोड़ना आसान हो गया है। आतंकी संगठनों का पूरा फोकस अब भारत के छोटे-छोटे शहरों जो मुस्लिम बहुल हैं वहां पर हो गया है। छोटे शहरों में स्थानीय नेटवर्किंग आसान है, इसी का फायदा उठाकर सहारनपुर जैसे छोटे शहरों से भी ऐसे नेटवर्क सक्रिय किए जा सकते हैं।राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ये बहुत बड़ा खतरा बनता जा रहा है। ISIS जैसी ग्लोबल आतंकी विचारधारा का भारत में फैलना गंभीर खतरा है।एटीएस की कार्रवाई ने एक बड़े नेटवर्क को उजागर किया है, लेकिन यह भी संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियों को अब साइबर निगरानी और डिजिटल इंटेलिजेंस पर और ज्यादा ध्यान देना होगा।







Honestly, ye log chaye hi kitna natak kare, rehe ge keede hi