- अफगान तालिबान ने इस्लामाबाद पर ड्रोन हमला किया
- अलग-अलग इलाकों में 5 धमाकों की आवाज़ सुनी गयी
- अफगान डिफेंस मिनिस्ट्री ने ड्रोन का वीडियो जारी किया
- चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की
पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई का अफगानिस्तान ने दिया जवाब
इस्लामाबाद में अफगानिस्तान की तरफ से किए गए ड्रोन हमलों ने पाकिस्तान की सुरक्षा और राजनीतिक हालात को हिला दिया है। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, अफगानिस्तान से आए ड्रोन ने इस्लामाबाद के फ़ैज़ाबाद इलाके में स्थित “हमज़ा” सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया, जबकि पाकिस्तान का दावा है कि उसने दो ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिरा दिया। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। यह हमला पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक्स का जवाब माना जा रहा है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार महिलाएँ और बच्चे मारे गए थे। अफगानिस्तान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर पाकिस्तान काबुल पर हमला करेगा तो वह इस्लामाबाद को निशाना बनाएगा
अचानक हुआ ड्रोन हमला
13 मार्च 2026 को इस्लामाबाद में अचानक ड्रोन हमले की खबर आई। अफगानिस्तान की ओर से दावा किया गया कि उनकी एयरफोर्स ने पाकिस्तान के हमज़ा सैन्य ठिकाने पर हमला किया। इस हमले में सामग्री नुकसान और हताहतों की बात कही गई। इस्लामाबाद में पाँच धमाके दर्ज किए गए, जिससे दहशत फैल गई। एक ड्रोन फ़ैज़ाबाद इलाके में गिरा, जिससे धमाका हुआ और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। हमेशा की तरह पाकिस्तान ने हमलों में नुकसान को छुपाने की पूरी कोशिश की। कहा गया कि उसने दो ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिरा दिया और एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इस्लामाबाद एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया था। धमाकों से कई इमारतों की खिड़कियाँ टूट गईं और लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
अफगानिस्तान ने क्यों किया हमला
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया कि यह हमला पाकिस्तान की सैन्य गतिविधियों और सीमा पर तनाव का जवाब था। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुल्ला याक़ूब ने हाल ही में कहा था कि अगर पाकिस्तान काबुल पर हमला करेगा तो अफगानिस्तान इस्लामाबाद पर हमला करेगा। मुल्ला याकूब की यह चेतावनी अब वास्तविकता में बदल गई है। तालिबान ने हमले का वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य ठिकाने को नुकसान पहुँचाया। पाकिस्तान ने इसे प्रोपगैंडा करार दिया और कहा कि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। इस हमले को उन्होंने “रणनीतिक जवाब” बताया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर हमले की पुष्टि की।
पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक्स
इस हमले की पृष्ठभूमि समझने के लिए पाकिस्तान की हालिया कार्रवाइयों पर नज़र डालना ज़रूरी है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल और नंगरहार में एयरस्ट्राइक्स कीं, जिनमें तालिबान के अनुसार कई नागरिक मारे गए। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने पुष्टि की कि इन हमलों में महिलाएँ और बच्चे भी मारे गए। एक रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी से मार्च 2026 के बीच पाकिस्तान की कार्रवाइयों से 185 नागरिक हताहत हुए, जिनमें अधिकांश महिलाएँ और बच्चे थे।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आधिकारिक बयान
अफगानिस्तान का बयान: उन्होंने हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि पाकिस्तान के सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया। तालिबान ने कहा कि यह हमला पाकिस्तान की आक्रामकता का जवाब है और उन्होंने सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया।
पाकिस्तान का बयान: अधिकारियों ने कहा कि दो ड्रोन को गिरा दिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने अफगानिस्तान के दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि दो ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिरा दिया गया। अफगानिस्तान के दावे को प्रोपगैंडा करार दिया।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों पर असर
- दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा रही है।
- सीमा पर पहले से ही झड़पें और गोलीबारी होती रही है।
- पाकिस्तान को डर है कि अफगानिस्तान से आने वाले हमले उसकी राजधानी तक पहुँच सकते हैं।
- अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान उनकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है।
चीन ने कहा दोनों देश संयम बरतें
चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संयम बरतने की अपील की है। हालिया ड्रोन हमलों और सीमा पार स्ट्राइक्स के बाद बीजिंग ने दोनों देशों को चेतावनी दी है कि सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवादों को संवाद और परामर्श के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए। चीन ने दोनों पक्षों से शांत रहने और संयम बरतने की अपील की। बीजिंग ने यह भी कहा कि दोनों देशों को तुरंत बातचीत शुरू करनी चाहिए ताकि हालात और न बिगड़ें।
चीन क्यों चिंतित है?
- रणनीतिक हित: पाकिस्तान में चीन के बड़े निवेश हैं, खासकर चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) में। अस्थिरता इन परियोजनाओं को खतरे में डाल सकती है।
- क्षेत्रीय स्थिरता: चीन को डर है कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान का संघर्ष पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
- मध्यस्थता की भूमिका: चीन खुद को क्षेत्रीय शांति का समर्थक दिखाना चाहता है और इसीलिए उसने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
तनाव लगातार बढ़ रहा है
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह तनाव अब राजधानी तक पहुँच गया है, जो बेहद गंभीर संकेत है। स्लामाबाद पर अफगानिस्तान के ड्रोन हमले ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक्स और नागरिक हताहतों ने तालिबान को जवाबी कार्रवाई के लिए उकसाया। अफगानिस्तान ने अपनी चेतावनी को सच कर दिखाया है, जबकि पाकिस्तान नुकसान से इनकार कर रहा है। लेकिन असलियत यह है कि दोनों देशों के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। अगर हालात पर काबू नहीं पाया गया तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र की स्थिरता को हिला सकता है।







