ऑयल टैंकर Safesea Vishnu पर हमला, एक भारतीय की मौत, 15 बचाए गए

By Alok Ranjan

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  • ईरान के हमले में एक और भारतीय की मौत
  • क्रूड ऑयल टैंकर Safesea Vishnu पर हमला
  • इराक से तेल लेकर मार्केट जा रहा था
  • तेल की कीमत $300 प्रति बैरल हो सकती है

हमला कहां और कैसे हुआ ?

11 मार्च 2026 को इराक के दक्षिणी हिस्से में स्थित बसरा बंदरगाह के पास एक बड़ा समुद्री हमला हुआ। अमेरिकी कंपनी के स्वामित्व वाले क्रूड ऑयल टैंकर Safesea Vishnu पर ईरान समर्थित एक सुसाइड बोट ने हमला किया। यह टैंकर Marshall Islands के झंडे के तहत चल रहा था और उस समय अंतरराष्ट्रीय तेल परिवहन मार्ग पर था। एक अनमैन्ड स्पीडबोट, जिसमें विस्फोटक भरे थे, टैंकर से टकराई और जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद जहाज में आग लग गई और धुएं के गुबार उठने लगे। यह हमला उस समय हुआ जब टैंकर बसरा से तेल लोड कर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर रवाना हो रहा था।

क्रू मेंबर्स और हताहत

टैंकर पर कुल 16 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि बाकी 15 को सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्हें बसरा में एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। मृतक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है ताकि परिवार की गोपनीयता बनी रहे। भारतीय दूतावास, बगदाद ने घटना की पुष्टि की है और कहा है कि वे लगातार इराकी अधिकारियों और बचाए गए भारतीय नाविकों के संपर्क में हैं। मृतक के परिवार को संवेदना दी गई है और बाकी क्रू को हर संभव मदद दी जा रही है। भारत सरकार ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

टैंकर और ऑपरेशन की जानकारी

Safesea Vishnu एक बड़ा क्रूड ऑयल टैंकर है जिसे एक अमेरिकी कंपनी ऑपरेट करती है। यह टैंकर Marshall Islands के झंडे के तहत पंजीकृत है। हमले के समय जहाज में हजारों टन कच्चा तेल मौजूद था, जिससे आग और नुकसान का खतरा और बढ़ गया। यह टैंकर बसरा से तेल लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर जा रहा था।

अब तक कितने भारतीयों की मौत ?

आर्थिक और पर्यावरणीय नुकसान

इस हमले से करोड़ों डॉलर का नुकसान होने की आशंका है। जहाज को हुए नुकसान के अलावा, तेल का कुछ हिस्सा समुद्र में फैलने की भी संभावना है, जिससे समुद्री जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ऐसे हमले और बढ़ सकते हैं। यह हमला सिर्फ एक जहाज पर नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा हमला है। पर्शियन गल्फ और इराकी जलक्षेत्र में तेल परिवहन अब बेहद असुरक्षित हो गया है। इस घटना से तेल की कीमतों में उछाल आने की संभावना है और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।

अब तक कितने जहाजों को नुकसान ?

अब तक US–Iran–Israel संघर्ष में कम से कम 16 जहाजों को नुकसान पहुंचा है। इनमें तेल टैंकर, कार्गो शिप और बल्क कैरियर शामिल हैं। प्रमुख घटनाएँ फरवरी–मार्च 2026 में हुईं, जिनमें Safesea Vishnu, Zefyros और थाईलैंड-फ्लैग वाला Mayuree Naree जैसे जहाजों पर हमले हुए।

खतरा बढ़ता ही जा रहा है

यह हमला सीधे तौर पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से जुड़ा है। हाल ही में अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। समुद्री मार्गों पर हो रहे हमले इस संघर्ष का नया मोर्चा बन चुके हैं। Safesea Vishnu पर हुआ यह हमला दिखाता है कि तेल परिवहन मार्ग अब युद्ध का नया मैदान बन चुके हैं। भारतीय नाविक की मौत ने भारत के लिए भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री उद्योग में काम करते हैं। यह घटना वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरणीय खतरे और राजनीतिक तनाव को उजागर करती है।

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