- ईरान का अमेरिकी फाइटर जेट्स शॉट डाउन करने का दावा
- 9 देशों पर ईरान का एक साथ हमला
- मिडिल ईस्ट देशों के साथ साइप्रस पर भी अटैक
- कई अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल जेट क्रैश
पूरा मिडिल ईस्ट वॉर ज़ोन बना
ईरान पर किये गये अमेरिका और इज़रायल के हमले ने पूरे मिडिल ईस्ट को वार ज़ोन में बदल दिया है। अमेरिका और इज़रायल की मिसाइलें और बम तो ईरान में गिर रहे हैं लेकिन ईरान की मिसाइलें ना केवल इज़रायल में बल्कि पूरे अरब वर्ल्ड को दहला रही हैं| एक अकेले ईरान ने कुवैत, इराक, सउदी अरब, यूएई, बहरीन, क़तर, जॉर्डन, ओमान और साइप्रस तक को अपनी मिसाइलों और ड्रोन का निशाना बनाया है।कुवैत में अमेरिका के कम से कम 3 फाइटर जेट क्रैश हुए हैं। सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल्स पर इन अमेरिकी जेट्स के क्रैश होने के वीडियो ख़ूब दिखाए जा रहे हैं|
अमेरिकी फाइटर जेट हुए क्रैश
कुवैत की मिलिट्री ने भी कन्फर्म किया है कि अमेरिका के कई फाइटर जेट कुवैत में क्रैश हो कर गिरे हैं।दावा किया जा रहा है कि ये जेट क्रैश नहीं हुए हैं बल्कि ईरान ने इन्हें शॉट डाउन किया है।हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि तीनों F-15E स्ट्राइक ईगल जेट्स कुवैत की एयर डिफेंस मिसाइलों की चपेट में आ गये।अमेरिका के इस दावे पर सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि कुवैत में भी अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ही लगे हैं और इस बात के बहुत कम चांस हैं कि उस सिस्टम ने फ्रेंड एंड फो की टेक्नोलॉजी को बायपास करते हुए इन जेट्स को शॉट डाउन कर दिया।कुवैत में अमेरिका के 8 मिलिट्री बेसेज़ और फेसेलिटी थे। जिनमें से कुछ को डिएक्टिव कर दिया गया था लेकिन अभी भी कई बेसेज़ एक्टिव हैं। कुछ पर दोनों देशों की सेनाएं मौजूद हैं।ये कुवैत में अमेरिका का अल सलेम एयरबेस है। ईरान की क्रूज मिसाइलों ने इस बेस को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है…ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका का नेवल बेस पूरी तरह से तबाह कर दिया है, हालांकि ये सच नहीं है। लेकिन हां, बेस अच्छा-खासा डैमेज ज़रूर हो गया हैI कुवैत में अमेरिकी एंबेसी पर भी ड्रोन स्ट्राइक की ख़बरें आ रही हैं।
सऊदी अरब पर भी ईरान का हमला
मुस्लिम उम्मा का लीडर सउदी अरब भी ईरान के कोप से नहीं बच सका।28 फरवरी से ही ईरान ने साउदी अरब पर हमले शुरू कर दिये थे। ये हमले साउदी कैपिटल रियाद को टारगेट बना कर किये गये थे लेकिन तब ये कहा गया कि इन हमलों को नाकाम बना दिया गया है।लेकिन इसके बाद ईरान ने साउदी अरब में प्रिंस सुलतान एयर बेस पर बैलेस्टिक मिसाइल्स के हमले शुरू कर दिये। ये बेस अमेरिका इस्तेमाल करता है…लेकिन इसके बाद ईरान ने साउदी अरब की रिफायनरीज़ को टारगेट करना शुरू कर दिया। 2 मार्च को ईरान ने इस पर ड्रोन अटैक किये हैं। इस हमले के रिफायनरी को बड़ा नुकसान होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में रिफायनरी में लगी आग और आसमान में उठते काले धुएं से इस दावे को ज़ोर मिलता है…ये साउदी अरब के लिए बहुत बड़ा झटका होगा क्योंकि ये आरामको की रिफायनरी है जहां रोज़ाना 5 लाख 50 हज़ार बैरल पेट्रोलियम रिफाइन किया जाता है। लेकिन इस हमले के बाद रिफायनरी को बंद कर दिया गया है।…क़तर पर भी ईरान लगातार हमले कर रहा है। शुरुआत में उसने अमेरिका के मिलिट्री बेसेज़ को टारगेट किया। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका का बेहद सॉफस्टिकेटेड AN FPS-132 Radar को तबाह कर दिया है।

कतर-यूएई भी ईरानी ड्रोन्स के निशाने पर
ईरान ने क़तर की फेसेलिटीज़ को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरान के ड्रोन्स ने क़तर के मेसाइद पावर प्लान्ट और रास लफान फेसेलिटी को स्ट्राइक किया है…क़तर की डिफेंस मिनिस्ट्री ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। हालांकि ये भी दावा किया है कि इससे कोई खास नुकसान नहीं हुआ है…ईरान के ड्रोन्स UAE तक पहुंच चुके हैं। अबू धाबी, दुबई और रास अल खैमाह में ईरान के ड्रोन्स अटैक हुए हैं।ज़्यादातर ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किये जाने की बात कही जा रही है…लेकिन Ras Al Khaimah में कई ड्रोन्स टारगेट पर गिरते हुए नज़र आ रहे हैं…वहीं दुबई में CIA के हेडक्वॉर्टर को ईरान की मिसाइल के हिट करने और उसमें कम से कम 6 CIA ऑफिसर्स के मारे जाने के दावे किये जा रहे हैं, हालांकि अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है…ईरान ने बहरीन में भी अमेरिकी ठिकानों पर जबरदस्त तबाही मचाई है। बहरीन में मौजूद अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट के हेडक्वॉर्टर को अच्छा खासा नुकसान पहुंचा हैI
अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट हेडक्वॉर्टर पर भी अटैक
ईरानी स्टेट मीडिया तसनीम न्यूज़ ने सेटेलाइट इमेज के आधार पर अमेरिकी नेवी के फीफ्थ फ्लीट के हेडक्वार्टर को हुए नुकसान को बताया है। देखिये-ये तब की तस्वीर है जब हमला नहीं हुआ था – इसमें सारे स्ट्रक्चर ठीक दिखाई दे रहे हैं- दो रडार डोम भी सही सलामत दिख रहे हैं- ये 28 फरवरी की तस्वीर थी…अब देखिये- ये 1 मार्च की सेटेलाइट इमेज-वहां मौजूद सारे स्ट्रक्चर गायब हो चुके हैं- रडार डोम का कुछ अता पता नहीं है। यानी ईरान की मिसाइल ने अमेरिका को तगड़ा झटका दिया है…ईरान ने ओमान के दुक्म पोर्ट पर भी ड्रोन स्ट्राइक की है। दुक्म एक कमर्शियल पोर्ट है। ईरान का ड्रोन इस पोर्ट के पास मौजूद एक तेल टैंकर पर भी गिरा है। इस टैंकर के क्रू में 15 भारतीय लोग भी थे। गनीमत रही कि उन्हें सही सलामत बाहर निकाल लिया गया है…इतना ही नहीं, ईरान ने 1600 किलोमीटर दूर साइप्रस में रॉयल एयरफोर्स के बेस अकरोतिरी पर भी ड्रोन स्ट्राइक कर डाली है…यानी मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका और उसके साथियों का कोई भी बेस सुरक्षित नहीं रह गया है।ये हमले इज़रायल पर किये जा रहे हमलों के साथ-साथ हो रहे हैं।
मिडिल ईस्ट के देशों पर ईरानी हमला क्यों ?
सवाल उठता है कि ईरान पर हमला तो अमेरिका और इज़रायल ने किया है तो फिर ईरान इन अरब देशों को क्यों टारगेट बना रहा है। तो वजह बहुत साफ है। ईरान ने जिन-जिन देशों पर हमले किये हैं वहां अमेरिकी मिलिट्री असेट हैं। मिलिट्री बेसेज़ हैं जो सालों से खास तौर पर ईरान के साथ जंग के लिए ही तैयार किये गये थे।ईरान ने पहले ही एलान कर दिया था कि अगर उस पर हमला हुआ तो वो मिडिल ईस्ट के अमेरिकी बेसेज़ पर हमला करेगा और उसने ये कर के भी दिखा दिया। 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिकी और इज़रायली हमले के ठीक बाद उसने इन देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को टारगेट करना शुरू कर दिया। इस लड़ाई को शुरू हुए 3 दिन हो चुके हैं और ईरान के साथ-साथ इज़रायल तक को तबाही झेलनी पड़ रही है। देखना ये है कि ये जंग और कितने दिन चलती है और कितना नुकसान करती है।










