- यूक्रेन-लीबिया में जंग में शामिल मैथ्यू भारत में गिरफ्तार
- क्या CIA ने पूर्वोत्तर भारत को तोड़ने की साजिश रची ?
- ड्रोन वॉर फेयर एक्सपर्ट 6 यूक्रेनियों ने किसे दी ट्रेनिंग ?
- म्यांमार में भारत के खिलाफ CIA का आतंकियों से गठजोड़ ?
क्या CIA भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में साजिश कर रहा है ?
एक अमेरिकी एजेंट जिसने यूक्रेन और लीबिया में लड़ाई लड़ी है। एक अमेरिकी एजेंट जिसने वेनेजुएला में कोवर्ट ऑपरेशन्स को अंजाम दिये हैं। एक अमेरिकी एजेंट जिसके ईरान में भी एक्टिव रहने के संकेत मिलते हैं। वो अमेरिकी एजेंट भारत में क्या कर रहा है? क्या भारत में CIA की बड़ी साज़िश का भंडाफोड़ होने वाला है? क्या शांति की ओर बढ़ रहे भारत के नॉर्थ ईस्ट को फिर से सुलगाने की कोशिश की जा रही है? या फिर भारत को किसी युद्ध में धकेलने का षडयंत्र रचा जा रहा है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं दोस्तों क्योंकि एक साथ 7 विदेशियों की गिरफ्तारी ने पूरे देश में हलचल मचा दी है।
यूक्रेन ने माना उसके नागरिक पकड़े गए
NIA ने एक जबरदस्त ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 13 मार्च को देश के अलग-अलग हिस्सों से इन सातों घुसपैठियों को गिरफ़्तार किया है। पकड़े गये विदेशियों में से एक अमेरिकी है जबकि 6 यूक्रेनियन। अमेरिकी नागरिक का नाम Matthew Aaron Van Dyke है। यूक्रेन ने तो आधिकारिक रूप से मान लिया है कि उसके नागरिक भारत में गिरफ्तार किए गए हैं, यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक यूक्रेन ने भारत से मांग की है उन्हें अपने नागरिकों से बात करने दी जाए, रिपोर्ट में बताया गया है कि यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ये जानकारी दी है कि 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जो मिज़ोरम में बिना परमिट के एंटर हुए और भारत-म्यांमार बॉर्डर पर भी अवैध रूप से घुसपैठ की, यूक्रेन के एंबैसडर ने दिल्ली में भारत के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर सिबी जॉर्ज से मुलाकात की है और अपना विरोध दर्ज कराया है, साथ ही जल्द से जल्द यूक्रेनी नागरिकों को रिहा करने और उन तक एक्सेस देने की मांग की है।
सबकी गिरफ्तारी एयरपोर्ट पर क्यों हुई ?
आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि इन सभी की गिरफ़्तारी में एक जबरदस्त बात कॉमन है। वो ये कि इन सातों की गिरफ़्तारी 13 मार्च को देश के तीन शहरों से की गई है लेकिन सारी गिरफ़्तारी एयरपोर्ट पर ही हुई है। कोलकाता इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron Van Dyke को इमिग्रेशन ने पकड़ा था। वहीं तीन यूक्रेनी दिल्ली एयरपोर्ट से जबकि 3 लखनऊ एयरपोर्ट से दबोच लिये गये थे। सबसे पहले यूक्रेनी नागरिक Hurba Petro को लखनऊ एयरपोर्ट पर 13 मार्च की रात 8 बजकर 2 मिनट पर पकड़ा गया था। हुर्बा का पासपोर्ट नंबर है GM-327491. Slyviak Taras को लखनऊ एयरपोर्ट पर ही उसी रात 8 बजकर 25 मिनट पर अरेस्ट किया गया। उसका पासपोर्ट नंबर है- FL 569148. लखनऊ एयरपोर्ट से तीसरी गिरफ़्तारी Ivan Sukmanovskyi की हुई थी। उसे रात 8 बजकर 10 मिनट पर गिरफ़्तार किया गया था। उसके पासपोर्ट का नंबर है FE-849720 है।

अमेरिकी नागरिक मैथ्यू कोलकात एयरपोर्ट पर गिरफ्तार
इन तीनों की गिरफ़्तारी के बाद चौथी गिरफ़्तारी होती है कोलकाता से- अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron Van Dyke की। ये गिरफ्तारी हुई रात 9 बजे। मैथ्यू का पासपोर्ट नंबर है A-37185512. फिर बारी आई दिल्ली एयरपोर्ट की। रात 11 बजकर 20 मिनट पर Kaminskyi Viktor, साढ़े ग्यारह बजे Honcharuk Maksim और 11 बजकर 40 मिनट पर Stefankiv को अरेस्ट किया गया। अब ये हो सकता है कि इन सभी को एक साथ पकड़ा गया हो लेकिन कागजी कार्यवाही की वजह से इनकी गिरफ़्तारी का समय अलग-अलग हो गया हो। 13 को गिरफ़्तार करने के अगले दिन यानी 14 मार्च को NIA ने इन्हें कोर्ट में पेश कर 3 दिन की रिमांड पर लिया था। फिर 16 मार्च को भी इनकी पेशी हुई और कोर्ट ने इन्हें और 11 दिन की रिमांड पर भेज दिया।आपको पता है NIA ने इन सातों पर क्या आरोप लगाये हैं? इन सातों पर भारत के खिलाफ आतंकवादी वारदातों की साज़िश रचने के आरोप लगाये गये हैं।
भारत के खिलाफ बड़ी साजिश का अंदेशा
NIA की पूछताछ से बारे में अब तक जो रिपोर्टस बाहर आ पाई हैं उसके हिसाब से तो ये पूरा मामला बहुत ही ख़तरनाक लग रहा है और भारत के खिलाफ एक बड़ी साज़िश की तरफ इशारा कर रहा है।NIA की FIR बता रही है कि पिछले कुछ महीनों में 14 यूक्रेनी भारत आए थे। ये सभी टूरिस्ट वीज़ा पर भारत पहुंचे थे। ये सभी अलग-अलग समय भारत पहुंचे थे लेकिन इनका पैटर्न एक जैसा ही था। भारत आने के बाद ये सभी फ्लाइट से गुवाहाटी गये थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि पकड़े गये 6 यूक्रेनी इसी ग्रुप का हिस्सा हैं। NIA ने शुरुआती पूछताछ के बाद ये बताया है कि ये सभी यूक्रेनी नागरिक गुवाहाटी के बाद मिज़ोरम के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार चले गये थे। यानी इन्होंने ना केवल मिज़ोरम के प्रतिबंधित एरिया में बिना परमिट के घुसपैठ की बल्कि इंटरनेशनल बॉर्डर भी पार कर लिया। NIA ने अपनी FIR में बताया है कि इन सभी 6 यूक्रेनी नागरिकों ने म्यांमार के रिबेलियन ग्रुप्स को ड्रोन वारफेयर की ट्रेनिंग देने के साथ-साथ इन तक यूरोप से लाकर ड्रोन की सप्लाई भी की है। दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि यूक्रेन के इन लोगों ने एक नहीं बल्कि कई बार म्यांमार के विद्रोहियों को ड्रोन हमलों की ट्रेनिंग दी है। लेकिन बात केवल म्यांमार तक ही सीमित नहीं है। बात भारत की भी है क्योंकि पता चला है कि इन लोगों ने ड्रोन की कई खेप मिजोरम के कुछ लोगों और ग्रुप्स को भी सप्लाई की है यानी नॉर्थ ईस्ट के आतंकियों के पास अब ड्रोन स्ट्राइक की कैपेब्लिटी से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या मैथ्यू है CIA एजेंट ?
अब सवाल उठता है कि म्यांमार तो यूक्रेनियों के जाने की बात सामने आई है फिर अमेरिकी नागरिक मैथ्यू ने क्या किया है?तो दोस्तों, ख़बर ये है कि मैथ्यू ही इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमांइड है। मैथ्यू के CIA ऑपरेटिव होने के दावे किये जा रहे हैं। 1979 में अमेरिका के बाल्टीमोर में जन्मा मैथ्यू डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और एडवेंचरर था। उसने मोटरसाइकिल पर मिडिल ईस्ट और उत्तरी अफ्रीका के कई देशों की यात्रा की और वहां चल रहे कॉन्फ्लिक्ट को फिल्म किया, लेकिन धीरे-धीरे वो खुद भी इस तरह के कॉन्फ्लिक्ट में शामिल होने लगा।उसने सन ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल नाम का एक ग्रुप भी बनाया हुआ है…अमेरिका ने 2011 में जब लीबिया में कर्नल गद्दाफी के खिलाफ जंग छेड़ी थी तो मैथ्यू भी लीबिया पहुंच गया था। वहां चल रही सिविल वॉर में मैथ्यू विद्रोहियों का साथ दे रहा था। और इसी दौरान उसे गिरफ़्तार भी कर लिया गया था।उसने सीरिया में भी असद शासन के खिलाफ भी बागियों का साथ दिया था। 2013 से 17 तक वो इराक में था जहां उसने अस्सीरियन ग्रुप्स को वार ट्रेनिंग दी। वो ईरान भी जा चुका है।वेनेजुएला में भी कोर्वट ऑपरेशन में शामिल रह चुका है। 2022 से वो रूस के खिलाफ यूक्रेनी सेना के साथ काम कर रहा है। खास तौर पर उसका एरिया ड्रोन वारफेयर का है।
27 अक्तूबर 2025 को उसने एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में काउंटर ड्रोन टेक्नोलॉजी से जुड़े एक वीडियो का भी लिंक था। इस ट्वीट में मैथ्यू ने लिखा थाIN-मैं यह पैसे के लिए नहीं कर रहा हूँ।उत्पादन और बिक्री में समय लगता है। समय का मतलब है—जानों का नुकसान।इसलिए, मैं Ukraine के लिए एक काउंटर-ड्रोन हथियार मुफ़्त में जारी कर रहा हू।और यह भी बता रहा हूँ कि इसे कैसे बनाया जाए।
फिर 30 अक्तूबर 2025 को उसने एक और ट्वीट किया- लिखा मैंने Ukraine के लिए एक काउंटर-ड्रोन हथियार मुफ़्त में जारी किया है।यह OfficialSOLI की उस गैर-लाभकारी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जीवन बचाने वाले नए आविष्कारों को तेज़ी से उपलब्ध कराना है। और उनके संशोधन तथा सुधार को बढ़ावा देना है।हम इसे ‘ओपन सोर्स बैटलफ़ील्ड इनोवेशन’ कहते हैं।
मैथ्यू जिस काउंटर ड्रोन वेपन सिस्टम की बात कर रहा था उसका फाइनल टेस्ट उसने अगस्त 2025 में किया था। उसने इस बारे में ट्वीट भी किया था। OfficialSOLI पर हम जिस युद्धक्षेत्र इनोवेशन पर काम कर रहे थे, उसका अंतिम परीक्षण आज पूरा हो गया। इस दौरान मुझे एक और चोट लग गई, लेकिन जैसा कि मेरी मदद कर रहे मेरे यूक्रेनी सैन्य मित्र ने कहा, “बिना दर्द के कुछ हासिल नहीं होता।
भारत के खिलाफ अमेरिकी साजिश का पर्दाफाश ?
मैथ्यू का दुनिया भर के कॉन्फ्लिक्ट जोन में शामिल होना और खास कर उनमें जहां अमेरिका इन्वॉल्व रहा है, यूक्रेन में ड्रोन वारफेयर की टेक्नोलॉजी पर इतना काम करना, ड्रोन काउंटर मेजर्स का हथियार बनाना ये साबित कर रहा है कि मैथ्यू एक वेल ट्रेन्ड ऑपरेटिव है। भई को फिल्म मेकर ऐसे ही तो नहीं लीबिया, सीरिया और ईरान जैसे देशों के सिविल वॉर में हिस्सा लेने पहुंच जाएगा? कोई ऐसे ही तो नहीं यूक्रेन पहुंच जाएगा और ड्रोन वारफेयर पर काम करने लगेगा। साफ है कि मैथ्यू की जड़ें बहुत गहरी हैं।इसलिए दावा किया जा रहा है कि मैथ्यू के लिंक सीधे अमेरिकी एजेंसी CIA से जुड़े हैं। इंडियन आर्मी के वेटरन मेजर समर पाल ने भी अपने ट्वीट में मैथ्यू को CIA का लड़ाका बताया है।..तो एक ड्रोन एक्सपर्ट मैथ्यू और 6 यूक्रेनी जिन पर यूरोप से ड्रोन लाकर नॉर्थ ईस्ट और म्यांमार में सप्लाई करने की बात सामने आई है, म्यांमार में ड्रोन वारफेयर की ट्रेनिंग देने की बात सामने आई है। इन सबके लिंक जुड़े हुए नज़र आ रहे हैं।NIA ने इन पर UAPA के तहत आतंकवादी साज़िश रचने और उसका उसका हिस्सा बनने के आरोप में केस दर्ज किया है। NIA अब इन सभी आरोपियों के पास से जब्त किये गये मोबाइल फोन को इंडियन कम्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को भेज रही है ताकि फोन रिकॉर्ड्स, डिलीट किये गये डेटा समेत और भी जानकारियां खंगाली जा सके।







