BREAKING NEWS : सालों बाद भारत ने ईरान से LPG कार्गो खरीदा, भुगतान भी डॉलर में नहीं बल्कि रुपए में किया

By Alok Ranjan

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भारत-ईरान एलपीजी सौदे की पूरी कहानी

भारत ने लगभग सात साल बाद पहली बार ईरान से एलपीजी कार्गो खरीदा है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर लगे तेल और रिफाइंड फ्यूल प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने के बाद संभव हुआ। ‘Aurora’ नामक टैंकर, जो पहले चीन के लिए रवाना हुआ था, अब मंगलूरु बंदरगाह पर पहुंचने वाला है। यह कार्गो इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के बीच बांटा जाएगा और भुगतान रुपये में किया जाएगा।

Aurora टैंकर और कार्गो का विवरण

Aurora टैंकर (IMO: 9868716) एक LPG टैंकर है जिसे 2018 में बनाया गया था। यह वर्तमान में लक्ज़मबर्ग के झंडे के तहत चलता है और Chemgas Barging Sarl इसका मालिक व ऑपरेटर है। AIS डेटा के अनुसार यह सक्रिय है और हाल ही में ईरान से LPG लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। इस टैंकर की लंबाई 110 मीटर है, चौड़ाई 11 मीटर की है। इस टैंकर की क्षमता 1,600 से 2,000 टन कार्गो लेकर आने की है। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस पर करीब 1,800 टन LPG मौजूद है।

भारतीय कंपनियों की भूमिका

  • यह कार्गो तीन सरकारी कंपनियों में बांटा जाएगा
  • इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC)
  • भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL)
  • हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)
  • भुगतान भारतीय रुपये में किया जाएगा, जिससे डॉलर पर निर्भरता कम होगी।

ईरान से खरीद क्यों हुई थी बंद ?

साल 2019 से भारत ने ईरान से ऊर्जा खरीद बंद कर दी थी क्योंकि अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव में उसे ईरान से तेल और गैस आयात रोकना पड़ा। अब अमेरिका ने अस्थायी रूप से ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी है, जिससे भारत को अवसर मिला कि वह ईरान से एलपीजी खरीदे।

भारत की एलपीजी स्थिति

  • भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है।
  • 2025-26 में भारत ने लगभग 33 मिलियन टन एलपीजी का उपभोग किया, जिसमें से 60% आयात करना पड़ा।
  • आयात का 90% हिस्सा खाड़ी देशों से आता है।
  • हालिया ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध और होरमुज़ जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण भारत को गैस संकट का सामना करना पड़ा।

ईरान से गैस खरीदने का जियो पॉलिटिकल महत्व

भारत का यह कदम केवल ऊर्जा आयात का मामला नहीं है, बल्कि भू-राजनीतिक संतुलन का भी हिस्सा है। भारत लंबे समय से सऊदी अरब, कतर और यूएई पर निर्भर रहा है, लेकिन अब ईरान से खरीद कर वह अपनी ऊर्जा रणनीति में विविधता ला रहा है। यह सौदा भारत को अमेरिका, सऊदी अरब और ईरान के बीच संतुलन साधने का अवसर देता है। हालांकि अमेरिका की ढील अस्थायी है, इसलिए भविष्य में फिर से प्रतिबंध लग सकते हैं। Aurora टैंकर पहले से ही प्रतिबंधित जहाज़ों की सूची में है, जिससे बीमा और वित्तीय लेन-देन में कठिनाई हो सकती है। भारत को घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए उद्योगों की गैस आपूर्ति कम करनी पड़ी है।

अमेरिकी टैंकर ने भी LPG डिलिवर की थी

अमेरिका से आया LPG टैंकर Pyxis Pioneer ने हाल ही में 22 मार्च 2026 को भारत के न्यू मंगालोर पोर्ट पर लगभग 16,714 टन LPG उतारा है। यह जहाज Port of Nederland, Texas (USA) से रवाना हुआ था और कार्गो को Aegis Logistics Ltd के लिए डिस्चार्ज किया गया। भारत का ईरान से एलपीजी खरीदना एक रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अहम कदम है। यह भारत को ऊर्जा संकट से राहत देगा। साथ ही यह संकेत है कि भारत अब केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। लेकिन अमेरिका की नीति और पश्चिम एशिया की अस्थिरता इस सौदे को लंबे समय तक टिकाऊ नहीं बना सकती।

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