बहरीन में पकड़े मोसाद के इंडियन स्पाई की सच्चाई क्या है ?

By Alok Ranjan

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  • दावा किया गया कि मोसाद का भारतीय जासूस पकड़ा गया
  • पाकिस्तानी न्यूज़ एजेंसीज़ ने खबर को खूब फैलाया
  • बहरीन की तरफ से आयी जासूस पकड़े जाने पर सफाई

पाकिस्तान का भारत के खिलाफ प्रोपगैंडा

पाकिस्तान की सभी बड़ी और छोटी मीडिया एजेंसीज़ की तरफ से एक बहुत ही ज़बरदस्त को-ऑर्डिनेटेड एंटी इंडिया खबर को आग की तरह फैलाया गया। इसका मकसद था मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग में भारत को बदनाम करना और उसे एंटी मुस्लिम साबित करना। साथ ही मुसलमानों के मन में भारत के लिए ये साबित करके भड़काना की भारतीय तो इज़रायली सीक्रेट एजेंसी मोसाद के लिए काम कर रहे हैं। पाकिस्तानी न्यूज़ पोर्टल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स ने यह खबर चलाई कि बहरीन ने एक भारतीय इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। दावा किया गया कि वह भारतीय नागरिक Mossad के लिए काम कर रहा था। खबर को इस तरह पेश किया गया मानो भारत खाड़ी देशों में इज़राइल के लिए जासूसी कर रहा हो। खबर में यह भी कहा गया कि खाड़ी देशों को भारतीय नागरिकों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। इस तरह की रिपोर्ट्स का उद्देश्य भारत की छवि खराब करना और खाड़ी देशों के साथ उसके रिश्तों को नुकसान पहुँचाना था।

फैक्ट चेक में सामने क्या आया ?

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस खबर को पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद बताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ किया है कि बहरीन में किसी भारतीय जासूस को मोसाद के लिए काम करते हुए पकड़े जाने की खबर पूरी तरह फर्जी है। यह अफवाह पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा फैलायी गयी थी, जिसे MEA ने फैक्ट चेक कर खारिज कर दिया। यह खबर पूरी तरह से पाकिस्तान समर्थित मीडिया द्वारा भारत-विरोधी प्रोपगैंडा थी।

  • MEA की Fact Check यूनिट ने कहा कि यह खबर पूरी तरह फर्जी है।
  • मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी अफवाहों से सावधान रहें।
  • PIB Fact Check ने भी इस खबर को मिसइन्फॉर्मेशन करार दिया।

भारत को बदनाम करने की साजिश

भारत और खाड़ी देशों के बीच मजबूत रिश्ते हैं। पाकिस्तान की कोशिश थी कि इस तरह की फेक न्यूज़ से भारत की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। यह एक सुनियोजित प्रयास था ताकि भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम किया जा सके।

बहरीन ने क्या सफाई दी ?

पाकिस्तानी प्रोपगैंडा ने जब तूल पकड़ा तो सीधे बहरीन की तरफ से इस पर सफाई आ गयी। बहरीन की तरफ से कहा कि ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, किसी भी भी भारतीय को नहीं पकड़ा या है। बहरीन के स्थानीय अधिकारियों ने इस तरह की किसी घटना से इनकार किया। बहरीन ने साफ किया कि किसी भारतीय नागरिक को Mossad से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार नहीं किया गया।

निष्कर्ष

यह खबर पूरी तरह से fabricated थी। यह पूरी घटना एक फेक न्यूज़ और प्रोपगैंडा थी। पाकिस्तानी मीडिया ने इसे भारत-विरोधी प्रचार के लिए इस्तेमाल किया

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