बांग्लादेश लाइन पर आ रहा है या फिर भारत का फायदा उठा रहा है ?

By Alok Ranjan

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  • भारत को लेकर बांग्लादेश से लगातार पॉजिटिव कदम उठाए जा रहे हैं
  • बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान भारत के दौरे पर आने वाले हैं
  • भारत ने बांग्लादेश को हजारो टन डीज़ल की सप्लाई की है
  • बांग्लादेश ने IPL ब्रॉडकास्ट पर लगी पाबंदी को हटा दिया है

बांग्लादेश दोस्ती का संदेश दे रहा है

बांग्लादेश से भारत के लिए एक मैसेज आया है। मैसेज ये कि भारत के साथ रिश्ते बांग्लादेश के लिए अहम हैं। मैसेज ये कि बांग्लादेश की सरकार भारत के साथ अच्छे संबंध रखना चाहती है। मैसेज ये कि भारत की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे बांग्लादेश के लिए बेहद अहम है और बांग्लादेश भारत की सिक्योरिटी इंट्रेस्ट के खिलाफ कोई भी क़दम नहीं उठाएगा। ये संदेश केवल भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के रिसेट होने का सिग्नल नहीं दे रहे हैं बल्कि ये पाकिस्तान, चीन और यहां तक कि अमेरिका तक को मैसेज पहुंचा रहे हैं कि दोनों देशों के बीच डेढ़ साल बाद एक नई और मजबूत शुरुआत होने जा रही है।

मोहम्मद युनूस ने खराब किए थे संबंध

आपको याद ही होगा दोस्तों, कुछ महीने पहले बांग्लादेश के चीफ एडवाइज़र मोहम्मद युनूस भारत के नॉर्थ ईस्ट को तोड़ने के सिग्नल दे रहे थे- नॉर्थ ईस्ट को भारत का हिस्सा नहीं बल्कि एक अलग इलाका बता रहे थे। अब बांग्लादेश की पार्लियामेंट में पहुंच चुके युनूस के आतंकी ब्रिगेड भी तब खुलेआम भारत को तोड़ने और नॉर्थ ईस्ट को अलग करने का एलान कर रहे थे। लेकिन अब युनूस की तख्ता-पलट वाली गर्वमेंट अब जा चुकी है, और बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार, एक चुना हुआ प्रधानमंत्री है। और अब बांग्लादेश की ये चुनी हुई सरकार, भारत के साथ बिगड़े हुए रिश्तों पर मरहम लगाने की कोशिश कर रही है।

बांग्लादेशी आर्मी चीफ ने भी भारत की अहमियत बतायी थी

आपको याद होगा पिछले यानी 2025 की शुरुआत में ही बांग्लादेश के आर्मी चीफ ने एक इंटरव्यू दिया था। उसमें उन्होंने बांग्लादेश में हुए सियासी उलटफेर और बांग्लादेश के भविष्य पर बात की थी। इसी इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि भारत बांग्लादेश के लिए बहुत अहम है और बांग्लादेश कभी भारत के हितों की अनदेखी नहीं करेगा। लेकिन इसी दौर में मोहम्मद युनूस की केयर टेकर गर्वमेंट और गर्वमेंट से बाहर मौजूद उसके समर्थक रात दिन भारत के खिलाफ जहर उगल रहे थे। कई मामलों में भारत ने इसके खिलाफ प्रोटेस्ट फाइल किया था। लेकिन भारत ये जानता था कि जब तक बांग्लादेश में युनूस ब्रिगेड की सरकार रहेगी, तब तक बांग्लादेश के साथ रिश्ते नहीं सुधर सकते।

भारत बांग्लादेश में लोकतांत्रिक सरकार चाहता था

भारत ने तख्ता-पलट के बाद से ही बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनाव और चुनी हुई सरकार पर ज़ोर दिया था।भारत सरकार से लेकर इंडियन आर्मी तक का ये मानना था कि बांग्लादेश में इलेक्टेड गर्वमेंट के आते ही दोनों देशों के बीच के रिश्ते सामान्य हो जाएंगे। और ये दिख भी रहा है। पिछले ही महीने भारत ने कोलकाता-ढाका-अगरतला बस सर्विस को डेढ़ साल बाद फिर से शुरू कर दिया था।फ्यूल क्राइसिस में फंसे बांग्लादेश ने जब भारत से रिक्वेस्ट की तो भारत ने उसे 5 हज़ार टन डीज़ल की सप्लाई कर दी। इसके बाद असम की नुमालीगढ़ रिफायनरी से भी बांग्लादेश को डीजल भेजा गया है। क्राइसिस के समय में भारत ने डीजल की सप्लाई कर बांग्लादेश को बड़ी मुसीबत में मदद पहुंचाई है।

IPL के प्रसारण पर लगी रोक हटायी

पिछले साल तख़्ता-पलट के बाद बांग्लादेश में जबरदस्त तरीके से प्रो पाकिस्तान शिफ्ट आया था। पाकिस्तान ने बांग्लादेश में भारत विरोध को ख़ूब हवा दी थी। IPL में मुस्तफिजुर रहमान के मसले को लेकर पाकिस्तान ने बांग्लादेश को चने के झाड़ पर चढ़ा दिया। खुद तो T-20 वर्ल्ड कप खेलने पहुंच गया और बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर करवा दिया।यहां तक कि बांग्लादेश ने IPL के ब्रॉडकास्ट पर भी बैन लगा दिया।ये फैसला जनवरी में हुआ था जब बांग्लादेश में मोहम्मद युनूस की सरकार थी लेकिन अब ना केवल बांग्लादेश में सरकार बदल चुकी है बल्कि IPL के ब्रॉडकास्ट पर पाबंदी का फैसला भी बदल चुका है। 28 मार्च को ख़बर आ गई कि बांग्लादेश की इलेक्टेड गर्वमेंट ने IPL के प्रसारण पर लगी रोक हटा दी है। ये बांग्लादेश का जेस्चर है। बांग्लादेश का मैसेज है कि वो भारत के साथ बिगड़े हुए रिश्तों को सुधारना चाहता है। लेकिन ये फैसला पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है। IPL के बांग्लादेश में बैन होना, पाकिस्तान अपनी बड़ी जीत के तौर पर देख रहा था, लेकिन अब तो चुनी हुई सरकार ने पासा ही पलट दिया है। IPL अब बांग्लादेश में भी देखा जाएगा।

बांग्लादेशी पीएम ने पाकिस्तानी नरसंहार की याद दिलायी

25 मार्च को 1971 नरसंहार दिवस पर बांग्लादेश के प्राइम मिनिस्टर ने अपने देश की जनता के नाम एक संदेश दिया था। इस संदेश में उन्होंने पाकिस्तानी सेना के नरसंहार का मुद्दा उठाया था। उसे बेहद क्रूर करार दिया था। पाकिस्तान को इससे जबरदस्त मिर्ची लगी थी लेकिन जब बांग्लादेश के PM के इस स्टेटमेंट पर भारत ने भी सहमति के सुर मिला दिये तब तो पूछिये ही मत। पाकिस्तान बौखला गया। बौखलाना ही था। पिछले डेढ़-दो साल में पाकिस्तान ने बांग्लादेश में जितनी बिसातें बिछाई थी, जितने मोहरे सेट किये थे, सब एक-एक करके बिखरते चले गये। बांग्लादेश की नई सरकार ने पाकिस्तान के नरसंहार को याद करके ये बता दिया कि बांग्लादेश में पाकिस्तान के लिए दरवाज़े अभी भी बंद ही हैं।पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बाद भी भारत और बांग्लादेश चाहते हैं कि एक दूसरे के साथ संबंध सामान्य रहें। कारोबार चलता रहे, डिप्लोमैसी चलती रहे।

विदेश मंत्री भारत आने वाले हैं

संबंध सुधारने की इसी कोशिश में एक बड़ी डेवलपमेंट और होने जा रही है। वो ये कि बांग्लादेश के फॉरेन मिनिस्टर जल्द ही भारत आने वाले हैं।कहा जा रहा है कि अप्रैल में उनका दिल्ली विजिट तय हो चुका है। ये दोनों देशों के बीच रिश्तों की मरहमपट्टी की एक बड़ी शुरुआत होगी क्योंकि नई सरकार बनने के बाद पहली बार इस लेवल का कोई नेता दूसरे देश के दौरे पर जा रहा है। कहा जा रहा है कि खलीलुर रहमान के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच पानी, सीमा पर हुई गोलीबारी में लोगों के मारे जाने और वीजा जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।बांग्लादेश के विदेश मंत्री का ये दौरा दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के आपसी दौरे का भी रास्ता खोलेगा। आपको याद होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में तारिक़ रहमान के शपथ ग्रहण के बाद उन्हें परिवार सहित भारत आने का न्योता भेजा था।तो हो सकता है कि फॉरेन मिनिस्टर खलिलुर रहमान के इस इंडिया विजिट के बाद बांग्लादेश के प्राइम मिनिस्टर तारिक़ रहमान भी भारत दौरे पर आ जाएं।

भारत से संबंध सुधारने की कवायद

दोनों देशों के संबंध किस तरह गुंथे हुए हैं इसकी बानगी 26 मार्च को दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमिशन में दिखाई दे चुकी है। 26 मार्च को बांग्लादेश अपना स्वाधीनता दिवस मनाता है, आज़ादी का दिन- पाकिस्तान से आज़ादी का दिन। दिल्ली में बांग्लादेश के हाई-कमीशन में भी इस मौके पर एक शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। आपको पता है, इस कार्यक्रम में केवल बांग्लादेश का ही राष्ट्रगान नहीं गाया गया- भारत का भी राष्ट्रगान पूरे सम्मान के साथ गाया गया। आप शायद जानते होंगे दोस्तों की बांग्लादेश का राष्ट्रगान आमार सोनार बांग्ला भी गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने ही लिखा है। इस कार्यक्रम में बांग्लादेश के हाई कमीश्नर ने बांग्लादेश की आज़ादी में भारत की भूमिका को याद भी किया- शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी थी।

भारत के बगैर बांग्लादेश चल नहीं पाएगा

असल में बांग्लादेश को अपने कारोबार के लिए भारत की ज़रूरत है। उसे भारत के पोर्ट्स और लैंड रूट्स की ज़रूरत है। भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत है। एग्रीकल्चर से लेकर फ्यूल तक के कारोबार में भारत की ज़रूरत है। मौजूदा दौर में बांग्लादेश जबरदस्त इकॉनमिक क्राइसिस से जूझ रहा है। इस दौर में भारत उसका सबसे भरोसेमंद साथी साबित हो सकता है और ये बात बांग्लादेश अच्छी तरह जानता है। तो उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच के रिश्तों में और सुधार आएंगे। बांग्लादेश, भारत के हितों का ध्यान रखेगा और भारत, बांग्लादेश के और यही दोनों देशों के लिए भी अच्छा है।

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