उस्मान हादी की हत्या के दो मुख्य आरोपी को दिल्ली लायी NIA, 8 मार्च को पश्चिम बंगाल में हुई थी गिरफ्तारी

By Alok Ranjan

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बांग्लादेशी छात्र नेता और एक्टिविस्ट उस्मान हादी की हत्या के मामले में भारत में गिरफ्तार किए गए दो मुख्य आरोपियों – फैज़ल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन – को एनआईए ने दिल्ली ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है। यह मामला भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर गहरा असर डाल रहा है।

उस्मान हादी कौन था ?

शरीफ़ उस्मान हादी बांग्लादेश का लोकप्रिय छात्र नेता और Inqilab Moncho संगठन का प्रवक्ता था। जुलाई 2024 के जनआंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी, जिससे शेख हसीना सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी। 12 दिसंबर 2025 में ढाका में चुनावी अभियान के दौरान उसकी दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने बांग्लादेश में व्यापक विरोध प्रदर्शन और भारत-विरोधी नाराज़गी को जन्म दिया। उस्मान हादी की हत्या पॉलिटिकल थी लेकिन चुनाव में फायदा उठाने के लिए उसे एंटी इंडिया का रंग दिया गया। मकसद साफ था जितना भारत के खिलाफ लोगों में नफरत भरी जा सकती थी भरी गयी।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

  • फैज़ल करीम मसूद, उम्र 37 साल, बांग्लादेश के पाटुआखाली का रहने वाला है।
  • आलमगीर हुसैन, उम्र 34 साल, बांग्लादेश के ढाका का रहने वाला है।
  • दोनों को भारत की वेस्ट बंगाल पुलिस STF ने 8 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया।
  • दोनों पर आरोप है कि वे बांग्लादेश से मेघालय सीमा के रास्ते भारत में घुसे और यहां छिपे रहे।
  • गिरफ्तारी के समय इनके पास से फर्जी दस्तावेज़ और अवैध प्रवेश के सबूत मिले।
  • गिरफ्तारी STF ने की थी और बाद में केस एनआईए (NIA) को सौंपा गया है।

छिपे होने की सूचना कैसे मिली?

बांग्लादेश पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी थी कि हादी की हत्या में शामिल आरोपी भारत भाग गए हैं। भारतीय एजेंसियों को इंटेलिजेंस इनपुट मिला कि ये दोनों वेस्ट बंगाल सीमा पर छिपे हैं। दोनों ने कई महीनों तक भारत में ठिकाने बदले और अंततः बोंगांव (उत्तर 24 परगना, वेस्ट बंगाल) में छिपे मिले। STF ने बॉर्डर टाउट्स और स्थानीय नेटवर्क पर नज़र रखकर इनकी लोकेशन ट्रैक की। इसी दौरान फिलिप सांगमा नामक व्यक्ति को भी पकड़ा गया, जिसने इन्हें सीमा पार कराने में मदद की थी।

आरोप क्या हैं ?

  • हादी की हत्या में सीधा शामिल होना।
  • बांग्लादेश में हिंसा और भारत में अशांति फैलाने की साजिश।
  • ग़ैरक़ानूनी तरीके से भारत में प्रवेश और ठिकाना बनाना।
  • एनआईए ने इनके खिलाफ UAPA की धाराओं 16 और 18 के तहत केस दर्ज किया है।

एनआईए (NIA) की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद दोनों को बिधाननगर कोर्ट, कोलकाता में पेश किया गया। कोर्ट ने एनआईए को जेल में पूछताछ की अनुमति दी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद एनआईए (National Investigation Agency) ने जेल में पूछताछ की और फिर इन्हें विशेष विमान से दिल्ली ले जाकर आगे की जांच शुरू की।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर असर

हादी की हत्या दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव का कारण बनी। बांग्लादेश में कई लोगों ने भारत पर आरोप लगाया कि हत्यारों को शरण दी गई। भारत ने इनकी गिरफ्तारी और एनआईए जांच को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि वह बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लेता है। फैज़ल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन की गिरफ्तारी और दिल्ली ट्रांसफर से यह साफ है कि भारत इस मामले को लेकर सख़्त रुख़ अपनाए हुए है। अब एनआईए की जांच से यह तय होगा कि इन आरोपियों की भूमिका कितनी गहरी थी और क्या यह मामला दोनों देशों के बीच सहयोग को मज़बूत करेगा या और विवाद खड़ा करेगा।

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