पाकिस्तान में इफ्तार-सहरी के लिए भी पैसे खत्म,फ्री खाने पर टूट पड़ी भीड़

By Alok Ranjan

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  • मुफ्त इफ्तार-सहरी करने के लिए भारी भीड़
  • अच्छे घरों के लोग भी मुफ्त खाने की लाइन में लगे
  • महंगाई इतनी बढ़ी कि घर चलाना हुआ मुश्किल
  • फलो-सब्जियों की कीमतें आसमान पर पहुंची

फ्री इफ्तार-सहरी करने वालों की भीड़ बढ़ी

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से लेकर कराची, पेशावर, लाहौर तक में मुफ्त इफ्तार-सहरी करने वालों की तादाद ने इस बारे सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पहले इस तरह के आयोजनों में गरीब लोगों की संख्या बहुत ज्यादा होती थी पर अब मिडिल क्लास भी इसी भीड़ में शामिल हो गया है। जहां भी मुफ्त इफ्तार-सहरी का आयोजन किया जा रहा है वहां पर अच्छे खासे घरों के युवा, औरतें, बच्चें नज़र आ रहे हैं। ये हाल पाकिस्तान के केवल इन तीन बड़े शहरों का नहीं है। पूरे पाकिस्तान की स्थिति यही है। ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान में पहले फ्री में सहरी और इफ्तार नहीं खिलाए जाते थे, बिल्कुल खिलाये जाते रहे हैं लेकिन इस बार बात कुछ अलग है। बात ये है कि इस बार पूरे पाकिस्तान में फ्री में खिलाये जाने वाले सहरी और इफ्तार की जगहों पर भीड़ पहले से ज़्यादा, बल्कि बहुत ज़्यादा उमड़ रही है।

पाकिस्तान के द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने खबर छापी है कि महंगाई की वजह से लोग फ्री इफ्तार में उमड़ रहे हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल फ्री इफ्तार में लोगों की संख्या पिछली बार से 30% अधिक है। केवल कराची में 3500 से अधिक जगहों पर फ्री सहरी और इफ्तार के इंतजाम किये गये हैं और हर रोज़ ऐसी जगहों पर हज़ारों-हज़ार लोग अपना रोज़ा खोलने के लिए पहुंचते हैं। यहां आने वालों में मज़दूर, ड्राइवर, कम आय पर काम करने वाले लोग, डिलिवरी करने वालों के अलावा गरीब परिवार के लोग भी शामिल रहते हैं। महिलाओं और बच्चों की संख्या भी अच्छी खासी होती है। और इसकी वजह क्या है। वजह है पाकिस्तान में आसमान फाड़ बढ़ती महंगाई।

15 मार्च को अरब न्यूज़ में छपी इस ख़बर को देखिये। इसमें लिखा है- पाकिस्तान में चैरिटी के खाने के लिए ज़्यादा भीड़ उमड़ रही है क्योंकि फ्यूल कॉस्ट बढ़ने से खाना महंगा हो गया है। पाकिस्तान ने अभी-अभी डीज़ल और पेट्रोल के दाम में 55 रुपये का इज़ाफा किया है । जबकि केरोसिन ऑयल के दाम 16 मार्च को एक बार फिर बढ़ा दिये गये हैं। 7 मार्च को इसके दाम में 130 रुपये की बढोतरी की गई थी जबकि अब करीब 40 रुपये का इज़ाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में 1 लीटर केरोसीन 358 रुपये में मिल रहा है।ये पाकिस्तान का सबसे महंगा फ्यूल बन चुका है। 1 फरवरी को 1 लीटर केरोसीन की कीमत 187 रुपये थी जो अब 358 रुपये हो चुकी है।

महंगाई पाकिस्तानियों की जान ले रही है

पाकिस्तान में पहले से ही महंगाई की दर 7 परसेंट से ऊपर पहुंच चुकी थी। और 7 मार्च को फ्यूल प्राइसेज़ में की गई बढ़ोतरी ने इस महंगाई में जैसे आग लगा दी हो। सब्जियों और फलों के दाम आसमान छू रहे हैं।पाकिस्तान से आई रिपोर्ट्स बता रही हैं कि गर्वमेंट खाने-पीने के सामान का जो रेट बता रही है, सामान उस कीमत पर पूरे बाज़ार में कही मिल ही नहीं रहा है।

किस रेट पर क्या मिल रहा है ?

  • चिकन : 630 रुपये किलो
  • टमाटर : 160 रुपये किलो
  • प्याज : 80-120 रुपये किलो
  • नींबू : 250 रुपये किलो
  • मटर : 100 रुपये किलो
  • चुकंदर : 400 रुपये किलो
  • अनार : 800-1000 रुपये किलो
  • खरबूजा : 250 रुपये किलो
  • स्ट्रॉबेरी : 350 रुपये किलो
  • अंगूर : 1000 रुपये किलो

गरीब और मिडिल क्लास के लिए खाना हुआ महंगा

अब इतनी महंगी सब्जी और फल खरीद कर सहरी या इफ्तार तैयार करने का मतलब है एक-एक प्लेट की कीमत कम से कम 300 से 400 रुपये। अब हज़ार रुपये दिहाड़ी कमाई करने वाला कोई पाकिस्तानी कैसे अपने परिवार के लिए इफ्तार या सहरी का इंतजाम कर सकेगा। इसलिए लोग अपने परिवार के साथ फ्री इफ्तार या सहरी वाली जगहों पर जा रहे हैं।इतना ही नहीं इन दिनों पहले लोग रेस्टोरेंट्स में भी परिवार के साथ इफ्तार के वक्त जाया करते थे लेकिन अब रेस्टोरेंट्स में उनका ये इफ्तार 1500 रुपये प्लेट से भी ऊपर पहुंच चुका है और तभी इस बार पाकिस्तानी रेस्टोरेंट्स में भी इन दिनों लोग कम पहुंच रहे हैं यानी पाकिस्तान का मिडिल क्लास भी इस महंगाई को नहीं झेल पा रहा है। त्योहार के समय भी वो अपनी जेब टटोलने में लगे हुए हैं।

नेताओं और आर्मी चीफ के लिए प्राइवेट जेट और लग्ज़री गाड़ी खरीदी

अब आपको इसी पाकिस्तान का एक दूसरा चेहरा भी दिखाता हूं। 11 मार्च को पाकिस्तान टुडे की ख़बर आई कि पाकिस्तानी पंजाब गर्वमेंट यानी मरियम नवाज़ की गर्वमेंट ने सरकार की तरफ से चलाये जा रहे फ्री इफ्तार स्कीम को बंद कर दिया। इस स्कीम से हज़ारों गरीब परिवारों को रमजान के वक्त इफ्तार का खाना मिल जाता था। लेकिन मरियम नवाज़ की सरकार ने इसे फिनांशियल क्रंच का हवाला देते हुए बंद कर दिया है। अब आप सोचिये कि ये वही मरियम गर्वमेंट है जिसने पिछले महीने ही 10 बिलियन का एक लग्जरी जेट खरीदा है। जब से ये जेट खरीदा गया है तब से PML-N और मरियम नवाज़ अपोजिशनन के निशाने पर हैं। मीडिया में भी इस बारे में सवाल उठाए गये हैं और देखिये इन सवालों के बाद अब मरियम गर्वमेंट इन ख़बरों को दबाने के लिए लीगल एक्शन लेने की धमकी दे रही है। वैसे एक लग्जरी जेट पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज़, फेल्ड मार्शल आसिम मुनीर के लिए भी खरीदे जाने की ख़बरें आ रही हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।इतना ही नहीं। अब तो ख़बर ये भी आ गई है कि सीनेट के चेयरमैन और फॉर्मर प्राइम मिनिस्टर युसूफ रज़ा गिलानी के लिए सरकारी खाते से 90 मिलियन की लग्जरी गाड़ी खरीदी गई है।यानी पाकिस्तान में हर कोई पब्लिक फंड का पैसा कांटने और बांटने में लगा हुआ है।

महंगाई पाकिस्तान में और ज्यादा बढ़ने वाली है

अब एक और दिलचस्प बात बताता हूं। मैंने आपको बताया कि पाकिस्तान में महंगाई कैसे आसमान छू रही है। पाकिस्तान में पहले ही ख़तरे की घंटी बज चुकी है कि अगर क्रूड ऑयल 100 डॉलर पर बैरल तक पहुंचा तो अभी 7.5 परसेंट की महंगाई दर डबल डिजिट यानी 10% को भी पार कर जाएगीलेकिन पाकिस्तान सरकार अपने भूखे और महंगाई के मारे लोगों को सस्ता अनाज और खाने-पीने की चीज़ें मुहैया करवाने के बजाय फूड आयटम्स को गल्फ कंट्रीज़ में एक्सपोर्ट करने जा रही है…कह रही है सरप्लस फूड आइटम्स को एक्सपोर्ट किया जाएगा। इसमें मीट और पॉल्ट्री आयटम्स, अनाज, डेयरी और सी फूड जैसी चीज़ें शामिल हैं। अरे भाई, तुम्हारे अपने देश में लाखों-लाख लोगों को दो वक्त की रोटी नहीं मिल पा रही ह। आटा 100 रुपये किलो तक में बिक रहा है। फल और सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। मीट और चिकन के दाम रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। इस सरप्लस फूड आइटम्स को अगर मार्केट में उतारा जाए तो कीमतों में कुछ कमी आ सकती है लेकिन शाहबाज़ सरकार अपनी पब्लिक को राहत देने के बजाय फूड आइटम्स को खाड़ी देशों को एक्सपोर्ट कर रही है। तो भई जब ऐसी सरकार रहेगी तो लोग फ्री सहरी और फ्री इफ्तार वाली जगहों पर ही जाने के लिए मजबूर होंगे ना। तो झेलो पाकिस्तानियों, झेलो।

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